लावारिस मरीज को रात में बाहर फेंकवाने का हमीदिया हॉस्पिटल के कर्मियों पर लगा सनसनीखेज आरोप | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:


राजधानी भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल में गरीबों के इलाज की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि अज्ञात वाहन की टक्कर में गंभीर रूप से घायल मज़दूर नेतराम को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से मोती मस्जिद फुटपाथ पर लावारिस हालत में छोड़ दिया गया।

लावारिस मरीज को रात में बाहर फेंकवाने का हमीदिया हॉस्पिटल के कर्मियों पर लगा सनसनीखेज आरोप | New India Times

सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार रात पीर गेट के पास एक्सीडेंट में घायल हुए नेतराम को राहगीरों की मदद से हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया था। वहां उनके पैर में प्लास्टर कर मामूली उपचार दिया गया, लेकिन देर रात करीब 12 बजे अस्पताल प्रशासन ने उन्हें मोती मस्जिद के सामने फुटपाथ पर छोड़ दिया। घायल मज़दूर रातभर दर्द में तड़पता रहा।
बुधवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही हाजी मोहम्मद इमरान हारून (ख़ादिम जमीअत उलमा मध्यप्रदेश), समाजसेवी फ़ैज़ और फ़ैसल खान सहित टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घायल मज़दूर को तत्काल उठवाकर अपना घर आश्रम भिजवाया, जहां उनका इलाज और देखभाल की व्यवस्था की गई।

लावारिस मरीज को रात में बाहर फेंकवाने का हमीदिया हॉस्पिटल के कर्मियों पर लगा सनसनीखेज आरोप | New India Times


हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि, “भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में गरीब मरीजों की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यह अत्यंत शर्मनाक और चिंता का विषय है कि अधूरे इलाज के बाद मरीजों को लावारिस की तरह फुटपाथ पर छोड़ दिया जाता है।”

उन्होंने मध्यप्रदेश शासन और चिकित्सा विभाग से मांग की कि हमीदिया अस्पताल में गरीब और बेसहारा मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था की जाए। इसके लिए एक पूरी फ्लोर आरक्षित कर डॉक्टर, नर्स, केयरटेकर और खानपान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि ऐसे मरीजों को उचित इलाज और देखरेख मिल सके।

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