मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार, उपजिलाधिकारी सदर, तहसीलदार सदर एवं अन्य राजस्व स्टाफ द्वारा तहसील सदर अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों–नागरिया मोड़, सुभाषनगर, सहवेगपुर, ककरा, अजीजगंज टाम एवं बाईपास गर्रा पुल आदि स्थलों का भ्रमण किया गया। यह भ्रमण गर्रा नदी के जलस्तर में वृद्धि के दृष्टिगत किया गया। अपर जिलाधिकारी वि.र. द्वारा बताया गया कि 14 एवं 15 अगस्त 2025 को दूनी बैराज से 40 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ा है।
वर्तमान में गर्रा नदी खतरे के जलस्तर 148.800 मीटर के सापेक्ष 147.300 मीटर है, जो लगभग 1.500 मीटर नीचे है। बीती रात 12 बजे से अब तक जलस्तर में वृद्धि की दर धीमी हुई है। इसी प्रकार खन्नौत नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1. 700 मीटर नीचे है। कुमार ने बताया गया कि वर्तमान स्थिति में गर्रा नदी का पानी तिलहर तहसील के खुदागंज क्षेत्र के चित्आबोधि एवं बुनड्डा गांव में बढ़ रहा है, जबकि बिसलपुर एवं पीलीभीत क्षेत्र में जलस्तर कम होने लगा है। तहसील सदर के किसी भी गांव में अभी तक बाढ़ की स्थिति नहीं है। कल रात्रि 12 बजे से सभी अधिकारी, सभी राजस्व स्टाफ तथा आपदा मित्र विभिन्न स्थानों पर सक्रिय ड्यूटी पर तैनात हैं।
राजस्व लेखपाल, राजस्व निरीक्षक व अन्य स्टाफ तथा आपदा मित्रों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही निगरानी काफी सराहनीय है। इसी प्रकार गंगा नदी का जलस्तर घट रहा है, जबकि रामगंगा नदी में आंशिक वृद्धि दर्ज की गई है। तहसील कलान में बाढ़ प्रभावित परिवारों को अब तक लगभग 1300 राशन किट वितरित किए जा चुके हैं। तहसील जलालाबाद का ग्राम कसारी रामगंगा नदी से प्रभावित हुआ है, जिसके लिए लगभग 500 बाढ़ राहत किट उपलब्ध कराई गई हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 40 नाव (मैनुअल) एवं 12 मोटर बोट लगातार संचालित हैं। बाढ़ पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
बाढ़ राहत शिविर एवं बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं तथा सभी संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त खोज एवं बचाव कार्य के लिए SDRF एवं PAC फ्लड टीम भी मौके पर तैनात है। प्रशासन द्वारा जनता को आश्वस्त किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा निगरानी चौबीसों घंटे की जा रही है।

