अबरार अहमद खान/मुकीज खान, दिल्ली/भोपाल (मप्र), NIT:
14 अगस्त की रात जब पूरा देश आज़ादी का जश्न मना रहा था, उसी दौरान कुछ शरारती तत्वों ने देश की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली शर्मनाक हरकत को अंजाम दे रहे थे।
मुंबई से दिल्ली जा रहे उत्तर प्रदेश के बहराइच निवासी मोहम्मद शुऐब पर उस वक्त हमला किया गया जब ट्रेन रात्रि लगभ 1 बजे सूरत स्टेशन से कुछ दूरी पर रुकी थी। बताया जा रहा है कि ट्रेन आउटर पर खड़ी होने के कारण वह बाहर टहल रहे थे। इसी बीच कुछ भेड़िए नुमा जानवरों ने उन्हें पकड़कर बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।हमलावरों ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए उनके प्राइवेट पार्ट में पाइप डाल दिया जिससे वह बेहोश हो गए।

गंभीर रूप से घायल शुऐब को किसी तरह दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठाया गया। 15 अगस्त को दिल्ली पहुँचने पर परिजनों ने उन्हें गाज़ियाबाद के यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ वह इस समय आईसीयू में ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उनकी हालत नाज़ुक है और इलाज पर भारी खर्च आ रहा है, यहां तक कि दर्द निवारक एक इंजेक्शन की क़ीमत 40 हज़ार रुपए तक बताई जा रही है।
मोहम्मद शुऐब के वालिद का पहले ही इंतकाल हो चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमज़ोर है और इस समय उनकी देखरेख उनके भाई और चचेरे भाई कर रहे हैं। मुंबई में रोज़गार न मिलने के कारण वह दिल्ली अपने रिश्तेदारों के पास काम की तलाश में जा रहे थे।
इस दर्दनाक घटना की जानकारी मिलते ही जमीयत उलमा-ए-हिंद के नाज़िमे-उमूमी मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी अपने साथियों के साथ अस्पताल पहुँचे। उन्होंने घायल नौजवान की हाल-चाल लिया, उनके स्वस्थ होने की दुआ की और परिजनों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।जमीयत की ओर से इस मौके पर परिवार को कुछ आर्थिक मदद भी प्रदान की गई।
इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद असजद क़ासमी (नाज़िम जमीयत उलमा ज़िला गाज़ियाबाद) और मौलाना वहीदुज़्ज़मा (दफ़्तर जमीयत उलमा-ए-हिंद) भी मौजूद थे।

