स्कूल बैग के अत्यधिक वजन से बच्चों की सेहत से हो रहा है खिलवाड़, सरकार का अभियान केवल कागजों तक ही सीमित :विवेक त्रिपाठी | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:


छोटे छोटे बच्चों के नाजुक कंधों पर अत्यधिक वजन लाद दिया गया है ,जिसकी वजह से कई बच्चे पढ़ाई और खेलकूद की उम्र में ही डॉक्टर एवं हॉस्पिटल के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। खुलेआम शासन की गाइडलाइन का उल्लघंन किया जा रहा है।लेकिन प्रशासन के साथ ही बाल आयोग भी मूक दर्शक बना हुआ है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग को जगाने के लिए वजन करने वाली मशीन लेकर निजी स्कूल पहुँचे।

स्कूल बैग के अत्यधिक वजन से बच्चों की सेहत से हो रहा है खिलवाड़, सरकार का अभियान केवल कागजों तक ही सीमित :विवेक त्रिपाठी | New India Times


विवेक त्रिपाठी ने बताया मीडिया से बताया कि 16 जून से प्रदेश में स्कूल बैग के वजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किया जाने वाला जागरूकता अभियान एक माह बीत जाने के बाद भी केवल कागजों और आदेशों में ही चल रहा है, जमीनी हकीकत में इस पर कोई अमल नहीं हो रहा। शिक्षा माफियाओं ने कमीशन के लालच में सिर्फ निजी स्कूल ही नहीं शासकीय स्कूल को भी निशाना बनाया हुआ है।चाहे सरकार के सीएम राइस स्कूल हो या निजी स्कूल के हालात हो इन में कोई अंतर नहीं है।त्रिपाठी ने बताया कि राजधानी भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित निजी स्कूल और शासकीय PM श्री स्कूल के छात्र ही शासन के निर्धारित मापदंडों से कई गुना अधिक वजन के स्कूल बैग ढोने को मजबूर हैं। छोटे-छोटे बच्चों के नाजुक कंधों पर अत्यधिक वजन लाद दिया गया है , जिसकी वजह से कई बच्चे पढ़ाई और खेलकूद की उम्र में ही डॉक्टर और अस्पताल के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं। भाजपा सरकार और प्रशासन के साथ ही बाल आयोग भी मूक दर्शक बना हुआ है।

स्कूल बैग के अत्यधिक वजन से बच्चों की सेहत से हो रहा है खिलवाड़, सरकार का अभियान केवल कागजों तक ही सीमित :विवेक त्रिपाठी | New India Times

विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफियाओं द्वारा किताबों की अनावश्यक खरीद में कमीशन खोरी के लालच में छात्रों के जीवन और स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। कम उम्र में बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी असर पड़ रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। शासकीय स्कूलों में निःशुल्क मिलने वाली किताब वितरण में भी अगर शासन के नियमों का उलंघन होने लगे तो ये काफ़ी चिंताजनक है।

अभिनव बरोलिया ने सरकार से मांग की कि स्कूल बैग के वजन को लेकर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए, और दोषी शिक्षा अधिकारियों, प्रबंधन और माफियाओं पर कठोर कार्यवाही हो ताकि बच्चों का भविष्य और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।भोपाल कलेक्टर द्वारा गठित निरीक्षण कमेटी द्वारा क्या कार्यवाही अब तक कि गई है ।इसका विश्लेषण कब होगा इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए? आखिर क्यों शिक्षा माफिया बेख़ौफ़ हो कर बच्चो को कोल्हू का बैल बनाने पर तुला है ।

स्कूल बैग के अत्यधिक वजन से बच्चों की सेहत से हो रहा है खिलवाड़, सरकार का अभियान केवल कागजों तक ही सीमित :विवेक त्रिपाठी | New India Times

विवेक त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन भी शिक्षा माफियाओं के दबाव में कोई कार्यवाही नहीं कर रहा हैं जबकि निजी स्कूल खुले आम 10 गुना दामों में ड्रेस और कापी किताबें बेची जा रही है।हमने 25 जून को नेहरू नगर स्थित एक निजी स्कूल की दुकान पर पहुंच कर बताया था कि अभिभावकों को किस तरह से शिक्षा माफिया लूट रहें हैं उसके बाद स्कूल संचालक पर एफआईआर की मांग को लेकर 01 जुलाई को जिला कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई भी शिकायत दर्ज करवाई लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं जल्दी हम सभी साक्ष्यों के साथ माननीय न्यायालय की शरण में जाएंगे । इस मौके पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया, कुंदन पंजाबी,और विक्रम चौधरी, रवि परमार आदि मौजूद रहे ।

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