निहाल चौधरी, इटवा/सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
नगर पंचायत इटवा में तैनात कस्बा मीटर जेई को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जेई के खुद के वर्तमान आवास पर न तो स्मार्ट मीटर लगा है और न ही बिजली उपभोग की पारदर्शी व्यवस्था की गई है।
🔴 मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
1. बिना मीटर के बिजली खपत:
खंभे से एक अतिरिक्त तार सीधे उनके आवास के अंदर खींचा गया है, जिससे बिना मीटर के बिजली का उपयोग किया जा रहा है। यह न केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सीधा विद्युत चोरी का मामला बनता है।
2. प्राइवेट गाड़ी में सरकारी पहचान:
जेई द्वारा अपनी निजी गाड़ी में “उत्तर प्रदेश सरकार” लिखवाकर उसे सरकारी गाड़ी जैसा दिखाया जा रहा है। यह स्पष्ट रूप से नियमों की अवहेलना है और आम जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
3. बिना मीटर के गाड़ी चार्जिंग:
बिना मीटर वाले तार से अपनी निजी इलेक्ट्रिक गाड़ी चार्ज करना, विभागीय संसाधनों का निजी हित में दुरुपयोग है।
जनता की मांग और संभावित कार्रवाई:
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता व अधीक्षण अभियंता से मांग की गई है कि इस प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराई जाए। जांच में दोषी पाए जाने पर निलंबन/स्थानांतरण सहित कठोर विभागीय कार्रवाई की अपेक्षा है। यदि विद्युत चोरी की पुष्टि होती है, तो एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक जुर्माना लगाया जाए।
निष्कर्ष: जब एक मीटर जेई स्वयं नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहा हो, तो आम उपभोक्ताओं को जवाबदेह बनाना केवल अन्यायपूर्ण ही नहीं, बल्कि विभाग की साख को भी गिराता है।

