रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
मध्य प्रदेश के झाबुआ का आधार केंद्र इस वक़्त लोगों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। बताया जा रहा कि आधार अपडेट करवाने के लिए लोग रात से ही कतार में लग जाते हैं ताकि उनका नंबर जल्दी आ जाए लेकिन उस के बावजूद नम्बर आने में ही दो से तीन दिन लग रहा है। भीड़ होने के कारण जम कर अवैध वसूली हो रही है लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।शासन प्रशासन प्रदेश के मुखिया के सामने लाख दावे करले कि सब कुछ ठीक चल रहा है लेकिन झाबुआ की ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और ही नज़र आ रहा है। झबुआ के आधार केंद्र का दृश्य बड़ा ही भयावह है। लोग रात रात भर जाग कर चप्पलें रख कर लाइन लगा रहे हैं।
छोटे छोटे मासूम बच्चे भी आधार बनवाने के लिए सुबह से ही अपने माता पिता के साथ भीड़ में लगे हैं लेकिन जिम्मेदार इतने लापरवाह हैं कि उन मासूमों पर भी तरस नहीं खा रहे हैं। प्रशासन आखिर इस आधार के लिए एक्टिव क्यों नहीं हो रहा क्या अब आधार के लिए भी इनको आंदोलन करनें के लिए बाध्य होना पड़ेगा?
जिला प्रशासन का दावा है कि हमने झाबुआ जिले के कई गांवों में आधार अपडेट करवाने के लिए केंद्र खुलवाए हैं परंतु हकीकत कुछ और ही है।उन केंदों पर या तो नेटवर्क नहीं है या कार्य नहीं होते हैं ।वही इन आधार केंद्रों पर गरीब जनता से पैसे भी लिए जा रहे हैं।गरीब लोगों से भीड़ भाड़ के नाम पर जमकर अवैध वसूली की जा रही है।जबकि शासन की गाइड लाइन अनुसार आधार कार्ड का पैसा तय है फिर भी जमकर उगाही हो रही है। अब तो स्कूल भी खुल चुके हैं जिस कारण विद्यार्थियों की भीड़ भी इन दिनों आधार अपडेट करवाने के लिए लगी हुई है।

