वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में जच्चा-बच्चा सुरक्षा के दृष्टिगत एक नई उपलब्धि विभाग के साथ जुड़ गई है। शुक्रवार को सीएचसी निघासन में सीजेरियन की सेवा शुरू कर दी गई है। इससे पहले 04 सीएचसी पर यह सेवा शुरू की जा चुकी है। इसके शुरू होने से प्रसव के दौरान गर्भवती माता को अपने निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर भी विषम परिस्थितियों में सिजेरियन की सेवा मिल सकेगी और उन्हें लम्बी दूरी तय करने से भी निजात मिल रही है।
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को सीएचसी निघासन पर भी गर्भवती माताओं के लिए एलेक्टिव सिजेरियन (प्री प्लान आपरेशन) की सेवा शुरू हो गई है। क्षेत्र के मिर्जागंज गांव की निवासी नाजरीन पत्नी रियाज खान प्रसव पीड़ा के चलते 20 जून की दोपहर सीएचसी पर आई थी, जिसके बाद उनकी सम्बन्धित जांचे की गई जिसमें कुछ समस्याओं के चलते डाक्टर्स की टीम ने आपरेशन करने का निर्णय लिया गया। शाम 05ः50 बजे सीएचसी अधीक्षक डॉ राजेन्द्र कुमार निश्चेतक, डॉ नीतू वर्मा स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ शशि प्रभा महिला चिकित्सक, अनिल यादव ओटी टेक्नीशियन, शैली वर्मा स्टाफ नर्स व लक्ष्मी वार्ड आया की टीम द्वारा सफल सिजेरियन किया गया। जच्चा और बच्चा दोनो पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने यह भी बताया कि दो साल पहले तक जनपद में सिर्फ दो जगह जिला महिला चिकित्सालय व सीएचसी गोला पर ही सिजेरियन की सुविधा थी। बीते वर्ष तीन नये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को भी इस सेवा से जोडा गया है जिसमें सीएचसी पलिया, सीएचसी मोहम्मदी व सीएचसी मितौली शामिल है। सीएचसी निघासन पर इस सेवा को शुरू करने की तैयारियां पिछले कई महीनों से चल रही थी, जिनमें सम्बन्धित स्टाफ की तैनाती, स्टाफ की क्षमता वर्धन व जरूरी उपकरणों की उपलब्धता शामिल है, इनकों पूर्ण करने के उपरान्त शुक्रवार से यह सेवा सीएचसी निघासन में भी शुरू हो गई अब जनपद में जिला महिला चिकित्सालय सहित सीएचसी गोला, पलिया, मोहम्मदी, मितौली व निघासन को मिलाकर छः तहसीलों में गर्भवती माताओं के लिए यह सेवा शुरू कर दी गई है इससे ग्रामीण स्तर की बडी आबादी को लाभ मिलेगा और उन्हें कई किलोमीटर के पीड़ा दायक सफर से निजात मिलेगी।
