आबिद कुरैशी, आगरा (यूपी), NIT;
उत्तर प्रदेश में हिंदू जागरण मंच के एक पत्र ने खलबली मचा दी है। इस मामले में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने क्रिश्चियन समाज का खुलकर साथ देने का ऐलान किया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहम्मद इदरीस अली ने कहा कि ईसाई क्रिसमस धूम धाम से मनाएं। संविधान के अनुसार हर किसी को अपना त्यौहार हर्ष के साथ मनाने का अधिकार है।
जिलाध्यक्ष मोहम्मद इदरीस अली ने कहा कि क्रिसमस न मनाने देने का ऐलान करने वाले भूल गए हैं, कि यह देश किसी के बाप की जागीर नहीं है बल्कि लोकतांत्रिक देश है। यहां हर किसी को अपना त्योहार मनाने की पूरी आजादी है। उन्होंने क्रिश्चियन समाज से अपील की है कि वे किसी डर और खौफ को दरकिनार करते हुए जिस तरीके से त्योहार मनाते आए हैं, उसी तरीके से अपना त्योहार मनाएं। उन्होंने कहा कि क्रिसमस वाले दिन एआईएमआईएम के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हर चर्च पर मौजूद रहेंगे। यदि किसी प्रकार से कोई अप्रिय हालात बनते हैं, तो एआईएमआईएम के कार्यकर्ता उसे अपने तरीके से नियंत्रित करने का पूरा प्रयास करेंगे, साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि जिस तरीके से हिंदू जागरण मंच ने ये बयान जारी किया है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजना चाहिए।
कया है मामला?
हिंदू जागरण मंच के पत्र में लिखा है कि स्कूलों में ईसाई बच्चों की संख्या बेहद कम होने के बावजूद 25 दिसंबर को क्रिसमस डे मनाया जाता है। इस मौके पर कार्यक्रमों के जरिए स्कूलों में आने वाले हिंदू बच्चों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाता है। जागरण मंच ने आरोप लगाया है कि स्कूल इस तरीके से ईसाई धर्म का प्रभाव हिंदू बच्चों पर डालने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी मानसिकता को दूषित करने की साजिश रच रहे हैं। मंच ने स्कूलों पर धर्मांतरण का हिस्सा बनने पर भी सवाल खड़े किए हैं।
