मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर जिले के बमभाड़ा गांव में पहली बार किसी बौद्ध समाज की बालिका को वन विभाग में वनरक्षक के पद पर पदस्थ होने पर गांव के समस्त समुदायों ने ओपन कार में बिठाकर उसे पूरे गांव में विजय जुलूस के माध्यम से घुमाया गया। डीजे के धुन पर झूम उठा पूरा समाज। बाबा साहब के जय घोष लगाए गए। जयश्री तायडे ने बताया कि आज जो कुछ हूं मैं, ये बाबा साहब की देन है। इसमें मां की भी भूमिका अधिक रही है।
इसी दरमियान भीम आर्मी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दत्तू मेढे ने बधाई देते हुए बताया कि यह समाज के लिए गर्व की बात है। वनरक्षक के पद पर पदस्थ होने के लिए काफी प्रयास किया गया था और जो प्रयास करता है उसे सफलता जरूर मिलती है। बिना कुछ किए आपको कुछ भी नहीं मिल सकता। इसलिए आपको नियंत्रित प्रयास करना पड़ेगा तब जाकर आप सफल हो सकते हो।

