मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

मैहर जिले के ग्राम करुआ के ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन में आंगनवाड़ी भवन निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर अब सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, जनपद स्तर के अधिकारी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय केवल औपचारिकता निभाते हुए निर्माण की अच्छी टेस्ट रिपोर्ट तैयार कर मामले को दबाने की कोशिश करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर सीएम हेल्पलाइन के एल-1, एल-2, एल-3 और यहां तक कि एल-4 (आयुक्त स्तर) के अधिकारी भी निष्क्रिय बने हुए हैं।
कार्रवाई के बजाय मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों का भरोसा सिस्टम से उठता जा रहा है। गांववालों का कहना है कि जब तक मुख्य सचिव (एल-5 स्तर) से सीधा हस्ताक्षेप नहीं होगा, तब तक निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। जनपद के वरिष्ठ अधिकारी भ्रष्टाचार को छुपाने में जुटे हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि उच्च स्तर से उन्हें संरक्षण प्राप्त है।ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि भ्रष्टाचार के इन मामलों की गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे और विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

