पीयूष मिश्रा, सिवनी (मप्र), NIT;
छपारा नगर की जनसंख्या 20 हजार से ऊपर होने के बाद भी ग्राम पंचायत का दंश भोग रही छपारा की जनता, मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत सिर्फ जनसंख्या के आधार पर ही नहीं बल्कि यहां के क्षेत्रफल और व्यापारिक दृष्टि से भी बहुत बड़ी है। इस पंचायत में आय के स्रोत भी अधिक हैं। शायद ही इतनी आय किसी पंचायत के पास होगा। छपारा नगर में प्रदेश की सबसे बड़ी सीताफल मंडी भी लगाई जाती है, यहां पर बैल बाजार और सप्ताह में दो बार साप्ताहिक हाट बाजार के साथ साथ बड़े बड़े कामप्लेस मौजूद हैं, जिससे पंचायत कि अच्छी खासी आय होती है। लाखों रुपए की कर की वसूली, मकान, जल कर के रूप में सफाई व्यवस्था के नाम पर भी लाखों रुपए के कर वसूले जाते हैं। इसके बाद भी ग्राम पंचायत भवन के सामने खड़े हुये ट्रेक्टर की बैटरी चोरी हो जाती है और शायद पंचायत के पास इतना फंड नहीं है कि नई बैटरी डलवा सकें, नही तो ट्रैक्टर ट्राली यूँ कबाड़ न होती, जो की नगर के कचरा फेंकने के लिये लायी गई थी।
बताया जाता है कि पंचायत को यह ट्रैक्टर केवलारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ठाकुर रजनीश सिंह और ट्राली जिला पंचायत सदस्य ठाकुर जयकेश सिंह, जनपद उपाध्यक्ष नीरज दुबे के प्रयासों से विधायक निधी और अंश निधी पारफामेंस से ट्रैक्टर ट्राली की व्यवस्था की गई थी, जिससे छपारा नगर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे, परंतु दो साल में यह देखा गया कि नगर की व्यवस्था कागजों में ही देखी गई जो कि हकीकत से कोसों दूर नजर आयी। पंचायत की शोभा बढ़ाने वाले ट्रैक्टर ट्राली एवं टैंकर बिना उपयोग हुये खड़े-खड़े ही खराब हो रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पंचायत रिपेरिंग के नाम पर रूपये खर्च कर रही है। पंचायत भवन के सामने खड़ी हुई ट्रैक्टर ट्राली पर चोरों की नजर पड़ गई है, धीरे धीरे कर एक एक पार्टस चोरी कर ट्रैक्टर को कबाड बनाने पर तुले हुए है जिस तरफ शायद इस पंचायत के कर्णधारों का ध्यान नहीं जा रहा है।
