इदरीस मंसूरी, ब्यूरो चीफ, गुना (मप्र), NIT:

सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर शासकीय कन्या शाला स्कूल माचलपुर में रुपए लेकर बेची जा रही है प्रोजेक्ट और प्रेक्टिकल की किताबें जो नियम के खिलाफ है। किसी भी विद्यालय में किसी भी तरह की किताबें विद्यालय से बेचने का प्रावधान नहीं है फिर भी शासकीय कन्यशाला स्कूल माचलपुर में नवीं दसवीं कक्षा की छात्राओं को शिवलाल की प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल की किताबें स्कूल से बेची जा रही हैं, और उनके रुपये लिए जा रहे हैं। उक्त जानकारी मिलने पर हमारे प्रतिनिधि ने विद्यालय में जाकर संपर्क किया तो विद्यालय में पदस्थ शिक्षक महेश उपाध्याय द्वारा बताया गया कि मैं बात करता हूं, अगर ऐसा है तो यह गलत है और ऐसा मैं होने नहीं दूंगा। शासकीय कन्या हाई स्कूल माचलपुर पदस्थ शिक्षिका अनामिका गुजराती से जब हमारे प्रतिनिधि ने इस सम्बंध में बात करनी चाही तो उल्टा वह मार्केट में हमारे प्रतिनिधि से जा कर कहती है कि मैं मार्केट में बच्चों को नहीं आने दूंगी, तुम्हारी दुकान से कोई सामान ख़रीदने नहीं दूंगी अगर खबर लगाई तो!
वहीं एक अन्य शिक्षिका कृष्ण लववंशी ने हमारे प्रतिनिधि से अभद्र भाषा तरीके से बात की।
क्या किसी विद्यालय की शिक्षिका को किसी पत्रकार से अभद्र तरीके से बात करना चाहिए? अगर किसी स्कूल के शिक्षक शिक्षिका किसी से भी गलत तरीके से बात करेंगे खास कर किसी पत्रकार से ही तो वह क्या शिक्षा दे पाएंगे बच्चों को?
साथ ही शिक्षक शिक्षकों का स्कूल में रिपोडिंग समय 10: 45 है किंतु परन्तु 17-18 में से मात्र प्यून सहित 5 ही शिक्षक शिक्षिका समय पर पहुँच पाते हैं, बाकी अपने अपने समयानुसार आ रहे हैं जिसका प्रमाणित वीडियो फ़ोटो भी हमारे प्रतिनिधि के पास उपलब्ध है।
कारण सिंह भिलाला जिला शिक्षा अधिकारी राजगढ से जब उक्त मामले में बात की तो उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की किताबें स्कूल से नहीं बेच सकते हैं अगर विक्रय का ऐसा मामला सामने आया है तो मैं जांच कर उचित कार्यवाही करवाऊंगा।

