सिपाही को मिले न्याय, डॉक्टर पर भी दर्ज हो मुकदमा, मुख्यमंत्री और डीजीपी को ट्वीट कर परिषद ने लगाई न्याय की गुहार | New India Times

शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

सिपाही को मिले न्याय, डॉक्टर पर भी दर्ज हो मुकदमा, मुख्यमंत्री और डीजीपी को ट्वीट कर परिषद ने लगाई न्याय की गुहार | New India Times

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष रूपेश श्रीवास्तव और महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और डीजीपी उत्तर प्रदेश को ट्वीट कर सिपाही पंकज कुमार को न्याय दिलाने की मांग की है।
यहां बताते चलें कि दिनांक 04 अक्टूबर को खलीलाबाद निवासी उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही पद पर कार्यरत पंकज कुमार अपने पत्नी का इलाज कराने डॉ अनुज सरकारी के गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल गोरखपुर में आए थे, पंकज कुमार अपनी पत्नी के अल्ट्रासाउंड की फीस को लेकर अस्पताल के स्टाफ से जानकारी ले रहे थे इसी बीच स्टाफ से उनकी कहा सुनी हो गई शोर सुनकर अस्पताल के मालिक और वहां के डॉक्टर अनुज सरकारी अपने बाउंसरों के साथ आए और सिपाही पंकज कुमार को बहुत ही बुरी तरह से मारे पीटे सिपाही की पत्नी डॉक्टर का पैर पड़कर गिड़गिड़ाती रही और डॉक्टर के गुंडे सिपाही को मारते रहे इसके बाद सिपाही का मेडिकल हुआ जिसमें उसके शरीर पर 18 चोट के निशान पाए गए, मारपीट दौरान डॉक्टर को भी चोट आई और उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सिपाही पर मुकदमा लिखवा कर उसे जेल भेजवा दिया, लेकिन पीड़ित सिपाही को अभी भी न्याय नहीं मिला है।

सिपाही को मिले न्याय, डॉक्टर पर भी दर्ज हो मुकदमा, मुख्यमंत्री और डीजीपी को ट्वीट कर परिषद ने लगाई न्याय की गुहार | New India Times

इस संबंध में सोमवार राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद गोरखपुर ने मा० मुख्यमंत्री और डीजीपी उत्तर प्रदेश से ट्वीट कर सिपाही को न्याय दिलाने की मांग किया है और कल दिनांक 8 अक्टूबर को दोपहर 12:00 बजे कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल सिपाही पंकज कुमार को न्याय दिलाने हेतु एडीजी गोरखपुर से मुलाकात करेगा। परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा की डॉक्टर ईश्वर का दूसरा रूप होता है लेकिन डॉ अनुज सरकारी ने अपने पेशे को धन उगाही का साधन बना लिया है तथा आए दिन लोगों को परेशान करता है इसलिए इसके संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए और शहर के आम जनमानस को न्याय मिलना चाहिए।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.