नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

आज़ जो छात्र फार्मेसी की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उनको इसका महत्व चार साल बाद पता चलेगा। बीस साल में फार्मेसी करने वाले अनेकों छात्र बड़ी बड़ी कंपनियों में अच्छे ओहदों पर काम कर रहे हैं। औषधी निर्माण और अनुसंधान का यह क्षेत्र युवाओं को सेवा और उज्ज्वल भविष्य की गारंटी प्रदान करता है ऐसा संदेश सुरेश धारीवाल ने दिया है। जामनेर तालुका एजुकेशन सोसायटी के आधिकारिक सचिव के तौर पर धारीवाल ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस के उपलक्ष्य में सुरेश दादा जैन फार्मेसी कॉलेज में आयोजित ब्लड ग्रुप जांच शिविर में संबोधन किया। उन्होंने कहा कि खून की आवश्यकता प्रासंगिक होती है, हमें पता होना चाहिए कि हमारा ब्लड ग्रुप कौनसा है इस लिए यह कैंप लगाया गया है। कैंप के लिए प्रमुख अतिथी के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार मोहन सारस्वत को आमंत्रित किया गया। प्रिंसिपल डॉ शशिकांत बऱ्हाटे ने मान्यवरों का सम्मान किया। भविष्य में औषधि निर्माता बनने वाले छात्रों ने जनता के बीच जा कर इस क्षेत्र संबंधी जानकारी हेतु रैली निकाली।
