अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

एनएसयूआई नेता रवि परमार ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को पत्र लिख कर आरोप लगाया है कि भोपाल एम्स में लगातार गड़बड़ी बढ़ती जा रही।परमार ने शिकायती पत्र में लिखा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के डायरेक्टर की लगातार लापरवाही बढ़ती जा रही है। डायरेक्टर द्वारा मई 2024 में भी भोपाल एम्स की 14 वीं गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में 24 मई 2024 को राजीव गांधी विश्वविद्यालय के भ्रष्टाचारी पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुनिल कुमार को शामिल किया गया जोकि राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में करोड़ों रुपए के घोटाले में फरार थें वहीं केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राजपत्र जारी कर 14 मई 2024 को ही राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो सुनिल कुमार को हटाकर मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अशोक खंडेलवाल को गवर्निंग बॉडी का सदस्य बना दिया गया था लेकिन उसके बावजूद एम्स डायरेक्टर द्वारा करोड़ों रुपए के घोटाले के फरार आरोपी प्रो सुनिल कुमार को गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में शामिल किया गया।

रवि परमार ने बताया कि एम्स की गवर्निंग बॉडी एक महत्वपूर्ण बॉडी होती है जोकि एम्स से संबंधित फाइनेंशियल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेती हैं।
परमार ने पत्र में भोपाल एम्स की 14 वीं गवर्निंग बॉडी के समस्त निर्णयों पर तत्काल रोक लगाकर गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष और एम्स भोपाल के डायरेक्टर अजय सिंह पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश देने की मांग की वहीं आगे कहा कि एम्स भोपाल भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का अड्डा बनता जा रहा।

