नवकार के प्रभाव से शत्रु भी मित्र बन जाता है: सा.श्री तत्वलताश्रीजी म.सा. | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

नवकार के प्रभाव से शत्रु भी मित्र बन जाता है: सा.श्री तत्वलताश्रीजी म.सा. | New India Times

विश्व पूज्य दादा गुरुदेव श्रीमद विजय राजेंद्र सुरीश्वरजी महाराज साहब एवं पुण्य सम्राट गुरुदेव श्रीमद विजय जयंतसेन सुरीश्वरजी महाराज साहब के दिव्य आशीर्वाद एवं वर्तमान गच्छनायक श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी एवं आचार्य श्रीमद विजय जयरत्न सुरीश्वरजी के आशीर्वाद से पूज्य गुरुमैया साध्वीश्री स्नेहलताश्रीजी की सुशिष्या साध्वीजीश्री तत्वलताश्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा -4, नगर के श्री राजेंद्र सूरी जैन ज्ञान मंदिर में चातुर्मास हेतु विराजित हैं। पूज्य साध्वीजी के मुखारविंद से प्रतिदिन  धाराप्रवाह जिनवाणी का प्रवचन निरंतर जारी है, जिसमे बड़ी संख्या में महिला पुरुष भाग लेकर धर्म के मर्म को समझने का कार्य कर रहे है।

मंगलवार को धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य साध्वीजी ने श्री नमस्कार महामंत्र की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि, नमस्कार महामंत्र में इतनी शक्ति है कि, नवकार का स्मरण करने से, नवकार का जाप करने से, नवकार की आराधना करने से, नवकार की साधना करने से, शत्रु भी मित्र बन जाता है। साथ ही पूज्यश्री ने कई दृष्टांत का उल्लेख करते हुए बताया कि, हमने देखा है कि, जिनशासन में मात्र और मात्र नवकार के स्मरण मात्र से कितने के दुःख दूर हुए, कितनो को सुखों की प्राप्ति हुई, कितनो की असहनीय, पीड़ा खत्म हुई, तो कितनो के सुखमय जीवन का हार बन गया नवकार, ऐसे नवकार की हम सभी को एकांत चित्त से, शुद्ध भावो से, आराधना कर हमारा जीवन नवकारमय बनाना है।

उक्त जानकारी देते हुए रजत कावड़िया ने बताया कि पूज्य साध्वीजी की निश्रा में प्रतिदिन धाराप्रवाह प्रवचन श्रृंखला, प्रति रविवार धार्मिक शिविर, सामूहिक तपस्या, प्रतिदिन परमात्मा के शक्रस्तव अभिषेक आदि विधान संपन्न हो रहे हैं।

प्रवचन में सामूहिक तप आराधना के तृतीय बियाशना के लाभार्थी परिवार नरेन्द्र, राहुल, आरव रांका परिवार का बहुमान, बहुमान के लाभार्थी परिवार, मोदी परिवार, भंडारी परिवार, मुथा परिवार एवं लोढ़ा परिवार द्वारा किया गया। साथ ही कावड़िया ने बताया कि, साध्वीजी के दर्शनार्थ प्रतिदिन बाहर गांवों से गुरुभक्त पधार रहे हैं, जिस क्रम में, मुंबई, सूरत, डीसा, थराद, खाचरोद, बड़नगर, रतलाम, सरवा, कुशलगढ़, करवड, पारा, रतलाम, राजगढ़, रंभापुर, झाबुआ, थांदला, पेटलावद, कल्याणपुरा, निसरपुर, नागदा, सारंगी, आदि नगरों के गुरुभक्त दर्शनार्थ पधारे है।

आगामी बियाशना 10 अगस्त को

श्री कावड़िया ने बताया कि, सामूहिक भद्रतप एवं सिद्धितप के तपस्वियों का अब 5 उपवास के बाद 10 तारीख को बियाशना आएगा। वही 11 अगस्त से 19 अगस्त तक नवकार आराधना चलेगी, जिसका पारणा 20 अगस्त को रहेगा।

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