नर्सिंग काउंसिल द्वारा कॉलेज के पते पर भेजी गई मार्कशीट को लेने वाला नहीं मिला कोई ज़िम्मेदार अधिकारी | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

नर्सिंग काउंसिल द्वारा कॉलेज के पते पर भेजी गई मार्कशीट को लेने वाला नहीं मिला कोई ज़िम्मेदार अधिकारी | New India Times

मध्य प्रदेश नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। फर्जीवाड़े मामले में अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश के 13 कॉलेज में नर्सिंग काउंसिल द्वारा मार्कशीट भेजी गई थी। लेकिन  इसे लेने वाला कोई ज़िम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। जिस से यह प्रतीत हो रहा है कि क्या नर्सिंग कॉलेज सिर्फ कागजों में ही संचालित हो रहा है ? या सीबीआई जांच के डर से नर्सिंग कालेजों ने अपने पते बदल दिए हैं। जिसकी जानकारी नर्सिंग काउंसिल को भी नहीं है। बताया जा रहा है कि इन में से अधिकतर कॉलेज एस. आर. नर्सिंग कालेज होशंगाबाद, अमलतास नर्सिंग कॉलेज देवास, संजीवनी नर्सिंग कॉलेज बड़वानी सूटेबल लिस्ट में शामिल हैं।

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एनएसयूआई मेडिकल विंग के रवि परमार ने बताया कि जी.एन.एम फर्स्ट ईयर की मार्कशीट नर्सिंग काउंसिल द्वारा स्पीड पोस्टकार्ड से भेजी गई थी। लेकिन 13 कॉलेजों में कोई ज़िम्मेदार अधिकारी मिला ही नहीं। जिसके बाद मार्कशीट वापस नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल भोपाल आई। नर्सिंग काउंसिल की तरफ से कॉलेज के जिम्मेदारों को निर्देश देते हुए जल्द से जल्द भोपाल आकर मार्कशीट कलेक्ट करने को कहा गया है।

नर्सिंग काउंसिल द्वारा कॉलेज के पते पर भेजी गई मार्कशीट को लेने वाला नहीं मिला कोई ज़िम्मेदार अधिकारी | New India Times

रवि परमार ने मार्कशीट कलेक्ट नहीं करने के बाद कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। रवि परमार का कहना है कि क्या नर्सिंग कॉलेज सिर्फ कागजों में ही संचालित हो रहा है ? या सीबीआई जांच के डर से नर्सिंग कालेजों ने अपने पते बदल दिए हैं जिसकी जानकारी नर्सिंग काउंसिल को भी नहीं है।
ऐसा इसलिए क्योंकि नर्सिंग काउंसिल में लिखे कॉलेज के पते पर कोई अधिकारी मिला ही नहीं। लिहाजा मार्कशीट वापस भोपाल आ गई है।

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