झगड़ा दो लोगों का जमावड़ा सैकड़ों का, सड़कों पर बेरोज़गारी के प्रदर्शन से बिगड़ रही है कानून व्यवस्था | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

झगड़ा दो लोगों का जमावड़ा सैकड़ों का, सड़कों पर बेरोज़गारी के प्रदर्शन से बिगड़ रही है कानून व्यवस्था | New India Times

किसी भी झगड़े और विवाद के होने के लिए दो व्यक्तियों यानी पुरुष/महिला, पुरुष/पुरुष, महिला/पुरुष, महिला/महिला और वजह की आवश्यकता होती है। झगड़ा होने के बाद मामला कोतवाली पहुंचता है तब रपट लिखवाने तथा कानूनी कार्रवाई में सहयोग के लिए भी दोनों या दोनो मे से किसी एक पक्ष की जरूरत होती है। न्याय पाने के लिए पुलिस स्टेशन की सीढ़ी चढ़ने पर शिष्टाचार के तहत एक किस्म के अनुशासन में खुद को ढालना जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। महाराष्ट्र के पुलिस थानों में पब्लिक इसके विपरित आचरण कर रही है। मंत्री गिरीश महाजन के गृह नगर जामनेर की बात करते है, किसी बात को लेकर पनपा विवाद थाने की चौखट पर आया नहीं की सड़क पर चलने वाले सैकड़ो लोग तमाशबीन बनकर दूसरे के फटे में टांग डालने आ जाते है।

12 मई की शाम सरकारी बस मे किसी बात को लेकर यात्रियों के बीच आपस में तू तू मैं मैं हो गई। दोनों शिकायती पक्ष थाने पहुंचे, कुछ शरारती तत्वों ने मसले में हिंदू मुसलमान का रंग भरना शुरू कर दिया। देखते हि देखते कथित धर्म रक्षकों के सैकड़ों के जत्थे भीड़ की शक्ल लेने लगे। पुलिस ने कई बार भीड़ को हटाया लेकिन वो भीड़ हि क्या जो आसानी से जामनेर की सड़क से हट जाए। रात 10 बजे तक पुलिस भीड़ को खदेड़ती रही और भीड़ सड़क पर दौड़ती रही। मेन रोड पर होने के कारण पुलिस स्टेशन में लगने वाला जमगठ पेशनर्स अंकिलो और हजारों बेरोजगार युवाओं के लिए जिज्ञासा का विषय और गैर जरूरी चेतना का सोर्स बनता है।

जामनेर की एक खास बात है यहां सरकारी अस्पताल और पुलिस स्टेशन में दस पांच लोग किसी काम से इकट्ठा हो गए और उनके इकठ्ठा होने का कारण अगर आपको पता नही है तो पूछने वाला धुतकरते हुए आपको कहता है “आपका जामनेर में रहकर कोई फ़ायदा नही” बेरोजगारी से बिगड़ रही कानून व्यवस्था-खेती मे रोजगार और कमाई घट रही है। MIDC के निर्माण में नेताओं की कर्म दरिद्रता और निजी कारखानों में जबरन आर्थिक भागीदारी की दुर्भावना से उद्योग नहीं आ रहे है। हमें सूत्रों से पता चला है कि जामनेर के नेरी इलाके में 50 एकड़ जमीन पर लगने वाला इरिगेशन पाइप प्लांट वापिस चला गया है। सेमी अर्बन इलाको में प्रचंड रूप में बेरोजगारी है। बच्चे काम पर लगे तो हमारे पीछे झंडा लेकर कौन घूमेगा नेताओं की इस घटिया सोच ने राज्य की दो पीढ़ीया बर्बाद कर दी है। धर्म का चोला पहनकर सड़कों पर रक्षक, स्वयं सेवक बनकर उतरने वाली बेरोजगारी कानून व्यवस्था को चुनौती पेश कर रही है।


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