थांदला विधायक भूरिया ने भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी अनीता चौहान पर की गई टिप्पणी को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री ने दी प्रतिक्रिया | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बडोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

थांदला विधायक भूरिया ने भाजपा की लोकसभा प्रत्याशी अनीता चौहान पर की गई टिप्पणी को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्री ने दी प्रतिक्रिया | New India Times

महिलाओं को नेतृत्व देने में तो कांग्रेस अकसर नाकाम रही है और अब उनके नेता नारी शक्ति का अपमान करने में भी पीछे नहीं हैं। जिस तरह से थांदला से कांग्रेस के विधायक वीरसिंह भूरिया ने हमारे रतलाम लोकसभा क्षेत्र की बेटी अनीता नागरसिंह चौहान के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी की है वह कांग्रेस की महिलाओं के प्रति ओछी मानसिकता का उदाहरण है। कांग्रेस के विधायक का बयान केवल एक महिला का नहीं बल्कि संसदीय क्षेत्र की 10 लाख से अधिक महिला मतदाताओं का अपमान है।

यह कहना है महिला एवम् बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया का मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि यह पहली मर्तबा नहीं है जब कांग्रेस नेता ने किसी नारी का अपमान किया है। भाजपा ने माननीय द्रौपदी मुर्मू जी के रूप में देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति प्रदान की तो कांग्रेस नेताओं को यह बात हजम नहीं हुई। उनके नेताओं ने उस वक्त भी राष्ट्रपति के विरुद्ध गलत बयान बाजी करते हुए उनका अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

अब जबकि रतलाम संसदीय सीट पर भाजपा ने महिला नेतृत्व को आगे लाने की पहल की है तो कांग्रेस के विधायक उनके विरुद्ध अपमान जनक टिप्पणी कर रहे हैं। इससे साबित हो जाता है कि कांग्रेस पार्टी कभी भी नारी शक्ति का सम्मान नहीं कर सकती। मुझे लगता है की कांग्रेसी विधायक अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं।

तभी वे अनर्गल बयान बाजी पर उतर आए। नारी शक्ति यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। मैं बताना चाहूंगी की रतलाम संसदीय सीट पर महिला मतदाताओं की संख्या 50.33 फीसदी है और कांग्रेस के विधायक ने उन सभी का अपमान किया है। वे इस अपमान का बदला जरूर लेंगी। कांग्रेस चाहती ही नहीं की महिलाएं आगे बढ़े- महिला एवम् बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने आगे कहा- कांग्रेस चाहती ही नहीं कि महिलाएं आगे बढ़े।

जबकि दूसरी तरफ केंद्र की मोदी सरकार सत्ता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन विधेयक लेकर आई। इस लोकसभा चुनाव में भी प्रदेश की 29 में से 6 सीटों पर महिला प्रत्याशियों को उतारा है। यानी हमने 21 फीसदी महिलाओं को टिकट दिए हैं और हम धीरे धीरे 33 फीसदी महिला आरक्षण की ओर बढ़ रहे हैं। जबकि कांग्रेस ने जिन 22 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं उनमें केवल एक ही महिला उम्मीदवार शामिल है।

इस आंकड़े से ही महिलाओं के प्रति कांग्रेस और भाजपा की सोच का अंतर स्पष्ट हो जाता है। लाडली बहना योजना ने महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया है- मंत्री निर्मला भूरिया ने  जिस तरह से कांग्रेस के विधायक लाडली बहना योजना भूलने की बात कह रहे हैं वह ये साबित करता है कि कांग्रेस महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनता नहीं देखना चाहती है। उनके नेता राहुल गांधी द्वारा महिलाओं को सालाना एक लाख रुपए देने की बात भी केवल थोथी चुनावी घोषणा से ज्यादा कुछ नहीं है।

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