बुरहानपुर टैक्सटाइल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटील को सौंपा ज्ञापन | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर टैक्सटाइल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटील को सौंपा ज्ञापन | New India Times

बुरहानपुर टेक्सटाइल्स ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी ने खंडवा लोकसभा के सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटील से भेंट कर केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के नाम एक ज्ञापन सौंप। एमएसएमई एक्ट के प्रावधान में परिवर्तन करने हेतु आग्रह किया गया।

ज्ञापन में निवेदन किया गया कि भारत सरकार के एमएसएमई विभाग द्वारा जो प्रावधान लागु किये गए है, जिसके तहत सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को 15 दिन में भुगतान करना अनिवार्य है। आपसी सहमती पर अधिकतम अवधि 45 दिन तक की हो सकती है इस में परिवर्तन किया जाए।

 यह सौंपा ज्ञापन

1) भारत में जितने भी सूक्ष्म एव लघु उद्योग चल रहे है, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रावधान केवल रजिस्टर्ड पर ही लागु होंगे या अनरजिस्टर्ड उद्यमी पर भी। यदि अनरजिस्टर्ड पर यह नियम लागु नहीं है तो सभी का एमएसएमई में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होना चाहिए।

2) यह प्रावधान मध्य एवं वृहद उद्योगों पर लागू नहीं है। इस संबंध में हमारा निवेदन यह है कि यह सभी औद्योगिक इकाइयों पर, चाहे वह सूक्ष्म लघु या मध्यम एवं उद्योग हो पर लागू होना चाहिए ताकि सभी को प्रतिस्पर्धा में समान अवसर मिले। आयकर विभाग की धारा 43B में प्रावधान किया गया है, जो कि व्यापारी को यह सुविधा देता है अगर रिटर्न भरने की तिथि तक उसका भुगतान कर दे तो इस खर्च को एलाऊ किया जाता है परंतु 43B(H) में सम्मिलित की गई नई धारा पर यह प्रावधान लागू नहीं किया गया है। अगर 43B (H) पर यह प्रावधान लागू कर दिया जाए तो व्यापारी की 31 मार्च वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पश्चात 4- 6 माह भुगतान का समय मिल जाएगा। जिससे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी प्रतिस्पर्धा में टिक पाएगा या एमएसएमई एक्ट में परिवर्तन कर यह अवधि प्रथम वर्ष में 90 दिन द्वितीय वर्ष में 75 दिन तृतीय वर्ष में 45 दिन लागू करने का प्रावधान किया जाए ।आपसे निवेदन है कि उपरोक्त बिंदुओं को ध्यान में रखकर इसे लागू करने की समय सीमा न्यूनतम 1 वर्ष बढ़ाई जाए वर्तमान में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी जो एमएसएमई एक्ट की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। अतः इसे लागू करने की समय सीमा बढ़ाने एवं हमारे सुझाव के अनुसार नियमों में बदलाव भी करावे जिससे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी प्रतिस्पर्धा में बना रहे। सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटील ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि उपरोक्त मांगों को  पत्र के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री के संज्ञान में लाकर उचित निर्णय लेने हेतु आग्रह किया जाएगा। इस दौरान श्री मुकेश देवड़ा,श्री दामोदर तोदी,श्री सुरेश लखोटिया, श्री रविंद्र गुप्ता, श्री आनंद सिंघानिया, श्री राजेंद्र जालान,श्री सुरेश सोनी, श्री प्रदीप तोदी, श्री वीरेंद्र जैन, श्री जयप्रकाश लखोटिया, श्री सुनील मुंदरा,श्री रामेश्वर मंत्री, श्री राजेश जैन ,श्री अंकित तोदी आदि मौजूद रहे।


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