जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दौरे के बाद भी यथा स्थिति बनी हुई है एक और आप देख सकते हैं कि चार लिफ्ट होने के बावजूद दो लिफ्ट हमेशा बंद ही रहती है। यहां तक स्थिति होती है कि स्ट्रेचर पर अगर पेशेंट है और लिफ्ट में आम जनता भारी है तो स्ट्रेचर को भी साथ में 11वीं मंजिल तक ले जाने पर मजबूर है कर्मचारी। लेकिन अस्पताल प्रशासन इस और ध्यान नहीं दे रहा है। नई बिल्डिंग ब्लॉक एक और ब्लॉक दो में लोग अपने मरीज़ को ढूंढ़ते रहते हैं कि आखिर जाएं तो किस तरह से किधर से जाएं। जिस तरह के डिस्प्ले लिफ्ट के बाद (बाण) ऐरो के निशान चिन्ह होने चाहिए संबंधित मरीज़ से मिलने के लिए वह नज़र नहीं आते हैं। मरीज़ के परिजन आखिर सोचते हैं कि हम जाएं तो किधर जाएं और किधर से जाएं। कम से कम चिन्ह डिस्प्ले संबंधित विभाग के नाम सहित लिखे जाने चाहिए जिससे मरीज़ व उसके परिजन परेशान ना हों।
