नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जामनेर नगर परिषद की ओर से डेली और पखवाड़ा बाजार टैक्स वसूली का अधिकार धारण करने वाले ठेकेदार ने ठेके के ऐवज में सरकारी तिजोरी में जमा की जाने वाली 12 लाख 61 हजार 200 रुपए की रकम के गबन का मामला जिलाधिकारी के कोर्ट में पहुंच गया है। शिकायत कर्ता सूचना अधिकार कार्यकर्ता भारत रेशवाल के आवेदन का संज्ञान लेकर जिलाधीश ने नगर परिषद को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने के आदेश जारी करते हुए कहा है की कार्रवाई की रिपोर्ट को प्रस्तुत किया जाए। रेशवाल की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि 2019 – 20 इस आर्थिक साल में जामनेर नगर परिषद द्वारा सुभाष अर्जुन पवार नमक शख्स को डेली और पखवाड़ा बाजार टैक्स वसूली का ठेका दिया गया। इस ठेके की अग्रिम रकम को नगर परिषद के सरकारी खजाने में जमा करना था जो पवार ने नहीं किया। यह प्रकरण उजागर होने के बाद नगर परिषद ने 12 मार्च 2020 को एक विशेष सभा का आयोजन किया जिसमें कार्यकारी मंडल द्वारा यह प्रस्ताव पारित किया गया की ठेके की लंबित रकम की वसूली के लिए सुभाष पवार की संपत्ति पर प्रशासन की ओर से आर्थिक बोझा चढ़ाया जाए और ठेके की रकम वसूली जाए। इसके बाद भी प्रशासन के पास रकम जमा नहीं होने पर पवार की संपत्ति नीलाम कर लंबित राशि वसूली जाए। पाठकों की सुविधा के लिए हमने खबर में विशेष सभा में पारित प्रस्ताव की कॉपी को जगह दी है। प्रस्ताव पारित कराने के बाद से अब तक नगर परिषद प्रशासन की ओर से प्रस्ताव पर कोई अमल नहीं किया गया है। इसी बात को लेकर भारत रेशवाल ने 4 अक्टूबर 2023 को जिलाधिकारी जलगांव से कार्रवाई की मांग की थी। जिसकी प्रतिक्रिया में जिलाधीश ने नगर परिषद को कार्रवाई करने के आदेश जारी किए है। भारत ने आरोप लगाया है कि संबंधित ठेकेदार भाजपा का कार्यकर्ता होने के कारण जामनेर नगर परिषद की विशेष सभा में पारित कार्रवाई के प्रस्ताव पर प्रशासन की ओर से कोई अमल नहीं किया जा रहा है।
