दिवंगत सांसद के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से दिया त्यागपत्र | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

निमाड़ के कद्दावर भाजपा नेता स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के सुपुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान को बुरहानपुर विधानसभा क्रमांक 180 से भाजपा प्रत्याशी नहीं बनाए जाने से नाराज़ होकर उन्होंने बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का फैसला किया और अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत किया। चूंकि बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की अधीकृत प्रत्याशी के रुप में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी यहां से उम्मीदवार घोषित की गई हैं। बुरहानपुर विधानसभा सीट से अर्चना चिटनिस दीदी के अलावा पूर्व निगम अध्यक्ष एवं किसी जमाने में अर्चना चिटनिस दीदी के विश्वासपात्र रहे मनोज वल्लभ दास तारवाला और दिवंगत भाजपा सांसद स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के सुपुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान ने भी बुरहानपुर से टिकट की दावेदारी की थी लेकिन हर्षवर्धन सिंह चौहान और मनोज तार वाला को टिकट नहीं मिल सका और यहां पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी ने बाज़ी मार कर टिकट हासिल कर ली, लेकिन टिकट लाने के साथ ही महिला शक्ति की राह में रुकावटें आना शुरू हो गई। आ जा सकता है कि भाजपा के बागियों ने उनकी जीत के समीकरण को बिगाड़ दिया है।

दिवंगत सांसद स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान को पार्टी हाई कमान के बड़े केन्द्रीय नेताओं की ओर से मनाने के अनेक प्रयास किए गए लेकिन ज़िद पर अड़े हर्षवर्धन सिंह चौहान ने बड़े नेताओं की बात को ठुकरा कर इलेक्शन लड़ने का फैसला किया और इस राह में रुकावट बन रही पार्टी को भी ठुकरा कर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे देकर अपने संकल्प को पूरा कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी का वरिष्ठ नेताओं को साफ़ कह दिया कि वे जीतने के बाद आपका आशीर्वाद लेने ज़रूर आएंगे। युवा नेता हर्षवर्धन सिंह चौहान की हिमायत में पूर्व निगम अध्यक्ष श्री मनोज तारवाला, श्री प्रवीण शहाणे, आईटी विभाग की श्रीमती पूजा नागड़ा, पूर्व जनपद अध्यक्ष किशोर पाटिल, सौरभ पाटील, अजय उज्जैनवाल, रविंद्र बाविस्कर सहित भाजपा के स्थानीय नेताओं ने अपने त्यागपत्र पार्टी प्रदेश प्रमुख के नाम सौंपते हुए पार्टी की कार्रवाई से पहले अपनी कार्रवाई संपन्न कर ली और दिल खोलकर हर्षवर्धन सिंह चौहान के साथ आज़ादी के साथ खड़े हैं। जानकारी के मुताबिक प्रदेश नेतृत्व में इस्तीफा देने वालों के स्थिति स्वीकार भी कर लिए। हर्षवर्धन सिंह चौहान की इस क़दम से भाजपा उम्मीदवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हर्षवर्धन सिंह चौहान के मैदान में आने से बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र में चतुष्कोणीय मुकाबला होगा। हालांकि यहां लगभग 16 उम्मीदवार चुनाव मैदान में किस्मत आज़माई कर रहे हैं लेकिन मुख्य मुकाबला अर्चना चिटनिस दीदी भाजपा,, ठाकुर सुरेंद्र सिंह उर्फ़ शेरा भैया कांग्रेस,, नफीस मंशा खान एआईएमआईएम और हर्षवर्धन सिंह चौहान निर्दलीय के दरमियान है। और चारों अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। लेकिन जनता किसकी ताज पोशी करती है, इसके लिए इंतजार जरूरी है।


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