भारी वाहनों के प्रदूषण के करण नागरिकों का जीवन खतरे में | New India Times

श्रीकांत पुरोहित, देवास ( मप्र ), NIT; ​भारी वाहनों के प्रदूषण के करण नागरिकों का जीवन खतरे में | New India Times कन्नौद नगर में इन दिनों भारी वाहनों के कारण नागरिकों का जीवन खतरे में पड़ गया है। एक के पश्चात एक पंक्तिबद्ध होकर निकलने वाले इन भारी वाहनों के कारण दिन-रात धुल के गुबार उठते रहते हैं। इंदौर-बैतुल मार्ग के दोनों ओर दुकानें और व्यवसाय संचालित करने वाले लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से उठ रही बायपास बनाने की मांग पर अभी तक कोई विचार नहीं किया गया है। ​भारी वाहनों के प्रदूषण के करण नागरिकों का जीवन खतरे में | New India Timesइइंदौर-बैतुल नेशनल हाईवे 59 ए पर स्थित कन्नौद के नागरिकों के लिए पुराने जेल भवन के सामने नया बस स्टैंड निर्मित होने से प्रसन्नता का वातावरण था, परंतु इसी इंदौर-बैतुल मार्ग को जोड़ने वाले आष्टा मार्ग से अधिक संख्या में आने और जाने वाले भारी वाहनों के कारण अब लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर रही हैं। कन्नौद के आष्टा रोड के दोनों ओर जहां अब पूर्णरूपेण रहवासी क्षेत्र हो गया है, वहीं पुरानी जेल के सामने से हरदा की ओर जाने वाले मार्ग पर भी दोनों ओर शापिंग काम्प्लेक्स विकसित होकर वहां लोग अपने व्यवसाय संचालित करते हैं। इनमें मेडिकल स्टोर्स से लेकर किराने की दुकानें, चायपान की दुकान, भोजनालय, पैथीलाॅजी लेब, गैरेज और अन्य कई दुकानें हैं, जहां प्रतिदिन प्रातःकाल से देर रात्रि तक हलचल बनी रहती है। इसी मार्ग पर दोनों ओर से भारी वाहन जब निकलते हैं तो पैदल और बाइक पर चलने वाले लोगों के साथ ही लघु वाहनों के लिए सड़क पर स्थान ही नहीं बचता है। ये भारी वाहन बाइकसवारों और पैदल चलने वालों के बहुत ही निकट से निकलते हैं। उल्लेखनीय है कि लाइबब्रेरी काॅम्पलेक्स के पूर्व कन्नौद का थाना पड़ता है तो इसके सामने ही पेट्रोल पंप हैं, जहां प्रतिदिन वाहन चालकों पेट्रोल-डीजल डलाने के उद्देष्य से आते हैं। काॅम्पलेक्स के आगे इसी मार्ग पर शासकीय कन्या हायरसेकंडरी स्कूल, सिविल अस्पताल तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, पोस्ट आॅफिस के अतिरिक्ति कई राष्ट्रीकृत बैंकें और निजी लाॅज भी हैं, जहां प्रतिदिन लोगों का आनाजाना बना रहता है।, जिस मार्ग पर बड़ी संख्या में भारी वाहन निकल रहे हैं। धुल के गुबारों से लोगों को श्वांस संबंधी रोग तो घेर ही रहे हैं परंतु उनका जीवन भी प्रति क्षण खतरें में पड़ रहा है। लोक जीवन के लिए खतरा बन चुकी इस समस्या के निराकरण के लिए कोई आवाज उठा रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि ही कन्नौद नगर की इस अहम समस्या को लेकर सजग दिखाई दे रहे हैं।

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