एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में विवेचना का स्तर उत्कृष्ट करने के लिये ग्वालियर जिले के पुलिस अधिकारियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन | New India Times

गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में विवेचना का स्तर उत्कृष्ट करने के लिये ग्वालियर जिले के पुलिस अधिकारियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन | New India Times

आज बाल भवन ग्वालियर के ऑडिटोरियम में ग्वालियर जिले के पुलिस अधिकारियों के लिये ‘‘एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में गुणात्मक अनुसंधान एवं सीसीटीएनएस’’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री पी.सी.गुप्ता, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ग्वालियर द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस कार्यशाला में श्री निवेश कुमार जायसवाल माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) ग्वालियर, पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री राजेश सिंह चंदेल, भापुसे, श्री अमित मालवीय माननीय जेएमएफसी ग्वालियर, अति0 पुलिस अधीक्षक शहर(मध्य/यातायात/अपराध) ग्वालियर श्री ऋषिकेश मीना, भापुसे, अति. पुलिस अधीक्षक शहर(पश्चिम) श्री गजेन्द्र सिंह वर्धमान, अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री निरंजन शर्मा, श्री प्रवीण दीक्षित जिला अभियोजन अधिकारी ग्वालियर, श्री धर्मेन्द्र कुमार शर्मा अपर लोक अभियोजन अधिकारी ग्वालियर सहित समस्त पुलिस के राजपत्रित अधिकारी व थाना प्रभारीगण एवं विवेचक उपस्थित रहे।

एनडीपीएस एक्ट के अपराधों में विवेचना का स्तर उत्कृष्ट करने के लिये ग्वालियर जिले के पुलिस अधिकारियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन | New India Times

सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक ग्वालियर एवं अन्य पुलिस अधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ प्रदान कर स्वागत किया गया, तद्उपरान्त अति0 पुलिस अधीक्षक शहर (मध्य/यातायात/अपराध) ग्वालियर द्वारा उपस्थित अतिथियों एवं पुलिस अधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला की रूपरेखा से अवगत कराया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से कहा कि यह एक गंभीर विषय है और वर्तमान समय में पुलिस को तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ ही नवीन कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी होना आवश्यक है, इसके लिये ही यह प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई है, आप सभी अधिक से अधिक इसका लाभ उठाएं। भविष्य में होने वाली प्रशिक्षण कार्यशाला में एनडीपीएस का एक प्रकरण लेकर उसकी मॉक ड्रिल भी पुलिस अधिकारियों को कराई जाएगी।

मुख्य अतिथि श्री पी.सी.गुप्ता माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ग्वालियर ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस के विवेचना अधिकारी अपने साथ एनडीपीएस सीजर करने जाते हैं तो हमेशा इन्वेस्टिगेशन किट साथ में रखें। पुलिस अधिकारी को एनडीपीएस एक्ट की विवेचना के दौरान दो ही चीजों पर फोकस करना चाहिए सर्च और सीजर। आप एंजॉयमेंट के साथ ही हर चुनौती को अपनाए और हमेशा सजगता के साथ बेहतर से बेहतर विवेचना करें। पुलिस अधिकारियों को एनडीपीएस संबंधी प्रकरणों की विवेचना काफी गंभीरता से करनी चाहिए क्योंकि कभी-कभी विवेचक द्वारा की गई एक छोटी सी चूक के कारण आरोपी न्यायालय से बरी हो जाता है। इसका प्रमुख कारण अनुसंधान के दौरान विवेचना का कमजोर होना होता है। इसलिए प्रत्येक पुलिस अधिकारी को एनडीपीएस प्रकरण की विवेचना करते समय उसका स्तर उच्च रखना चाहिए साथ ही सुपरविजन अधिकारियों को भी यह ध्यान रखना चाहिये कि विवेचना अधिकारी द्वारा प्रकरण में किसी प्रकार की कोई कमी तो नहीं छोड़ी है। उनके द्वारा कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों के सवालों का जबाब देकर विवेचना संबंधी उनकी जिज्ञासा को शांत किया गया।

श्री निवेश कुमार जायसवाल माननीय विशेष न्यायाधीश। (एनडीपीएस एक्ट) ग्वालियर द्वारा कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को एनडीपीएस एक्ट के नवीन प्रावधानों से अवगत कराया गया साथ ही विवेचक द्वारा की जाने वाली छोटी-छोटी त्रुटियां व उनके सुधार के तरीको से सभी को अवगत कराया। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों से कहा कि एनडीपीएस के प्रकरणों की विवेचना में प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने ड्रग्स किस-किस प्रकार की होती है इसके संबंध में भी उपस्थित प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा किस ड्रग्स के केस में कौन सी धारा ज्यादा प्रभावशील रहेगी इसके संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर श्री अमित मालवीय माननीय जेएमएफसी ग्वालियर ने एनडीपीएस में ड्रग को जप्त करने के बाद किस प्रकार से ड्रग की पैकिंग और सैंपलिंग करना है इसके संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।

पुलिस अधीक्षक ग्वालियर श्री राजेश सिंह चंदेल, भापुसे ने अपने उद्बोधन में कहा कि विवेचना पुलिस प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग है इसलिए विवेचक को एनडीपीएस जैसे गंभीर अपराधों का अनुसंधान करते समय विवेचना का स्तर उच्च कोटि का रखना चाहिए साथ ही नियम प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन किया जाना चाहिए, विवेचना का स्तर उच्च कोटि का होने पर ही आप आरोपी को माननीय न्यायालय से दण्ड दिला सकेंगे एनडीपीएस की विवेचना करते समय नवीन प्रावधानों का भी विवेचना में पालन आवश्यक रूप से करना चाहिए।

कार्यशाला में श्री प्रवीण दीक्षित जिला अभियोजन अधिकारी ग्वालियर द्वारा एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों में वर्ष 2022 में किए गये संशोधनों से सभी प्रतिभागियों को अवगत कराया। इस दौरान उन्होने कहा कि एनडीपीएस एक्ट की संपूर्ण विवेचना क्रमबद्ध तरीके से की जानी चाहिये तभी आपके द्वारा की गई विवेचना में आरोपी को सजा मिल सकती है। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में विवेचना के दौरान विवेचकों द्वारा आमतौर पर की जाने वाली त्रुटियों के संबंध में जानकारी दी और कहा कि आपके द्वारा की गई छोटी सी त्ऱुटि अभियोजन के समय लाभ पहुंचाती है। इसलिये विवेचक को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण में जारी प्रक्रिया के अनुसार की पंचनामा, प्रोफार्मा, जप्ती आदि तैयार करें साथ ही केस डायरी लेख करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें की लेखन त्रुटि न हो क्योंकि इसका लाभ भी आरोपी पक्ष को मिलता है। न्यायालय में अभियोजन के दौरान साक्ष्य देते समय केस डायरी के सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर अपने कथन दें, इस हेतु आवश्यकता होने पर अभियोजन शाखा से मदद भी प्राप्त कर सकते है। कार्यशाला में श्री धर्मेन्द्र कुमार शर्मा अपर लोक अभियोजन अधिकारी ग्वालियर द्वारा अनुसंधान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां एवं विचारण के दौरान आने वाली कठिनाइयों के संबंध में उपस्थित प्रतिभागियों को विस्तार से अवगत कराया गया। इस अवसर पर उन्होने कहा कि पूर्व के प्रशिक्षणों से विवेचना के स्तर में सुधार हुआ है लेकिन समय के अनुसार और सुधार की आवश्यकता है।

उपस्थित मुख्य अथिति एवं विशिष्ठ अतिथियों के उद्बोधन उपरान्त एसपी ग्वालियर द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भेट किया तथा प्रशिक्षण कार्यशाला के अंत में एसपी ग्वालियर द्वारा उपस्थित मुख्य अतिथि एवं विशिष्ठ अतिथियों का प्रशिक्षण कार्यशाला में आकर उपस्थित पुलिस अधिकारियों को अपना मार्गदर्शन देने के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में सीसीटीएनएस प्रशिक्षक सउनि विजय सिंह सिकरवार एवं श्री सोमेन्द्र सिंह तोमर द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को सीसीटीएनएस एवं आईसीजेएस पोर्टल पर की जाने वाली कार्यवाही से अवगत कराया गया और ई-विवेचना के संबंध में भी प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यशाला में अति0 पुलिस अधीक्षक शहर(मध्य/यातायात/अपराध) ग्वालियर श्री ऋषिकेश मीणा,भापुसे, श्री प्रवीण दीक्षित जिला अभियोजन अधिकारी ग्वालियर, श्री धर्मेन्द्र कुमार शर्मा अपर लोक अभियोजन अधिकारी ग्वालियर, अति. पुलिस अधीक्षक शहर(पश्चिम) श्री गजेन्द्र सिंह वर्धमान, अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री निरंजन शर्मा, डीएसपी अपराध श्री षियाज़के.एम.,भापुसे, सहित समस्त नगर पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी एवं थाना प्रभारीगण व पुलिस के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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