मच्छर जनित बीमारी के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा शहर में क्षैत्रीय कार्यकर्ता एवं फील्ड स्टॉफ द्वारा किया जा रहा है सघन लार्वा सर्वे एवं फॉगिग(धूंआ) | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बडोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

मच्छर जनित बीमारी के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा शहर में क्षैत्रीय कार्यकर्ता एवं फील्ड स्टॉफ द्वारा किया जा रहा है सघन लार्वा सर्वे एवं फॉगिग(धूंआ) | New India Times

वर्षा ऋतु उपरांत मच्छरों के पैदावार होने के कारण मच्छर जनित बीमारी के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा शहर में क्षैत्रीय कार्यकर्ता एवं फील्ड स्टॉफ द्वारा सघन लार्वा सर्वे एवं फॉगिग(धूंआ) किया जा रहा है। जिला मलेरिया अधिकारी श्री डी.एस.सिसोदिया एवं ज़िला व्हीबीडी सलाहकार श्री जितेन्द्र बघेल द्वारा शहर का भ्रमण कर बीमारियों के नियंत्रण की गतिविधियां का संचालन कर रही सहायक मलेरिया अधिकारी श्रीमती किरण मंडलौई, शहरी एएनएम, सर्वे.वर्कर श्री राजेन्द्र हुरमाले एवं स्थानीय फील्ड स्टॅाफ को निर्देशित किया कि सर्वे के दौरान घरवासियों से बीमारी के संबंध में चर्चा अवश्य करें। जिन घरों में बुखार रोगी है, उनकी तत्काल जांच एवं उपचार की कार्यवाही सुनिश्चित कर, घरों में लार्वा सर्वे एवं फागिंग (धुंआ) किया जाए।भ्रमण के दौरान पाया गया कि शहर के रहवासी प्रायः सोते समय मच्छरदानी का उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें समझाईश दें कि रात एवं दिन में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग अवश्य करें। सर्वे के दौरान यह भी पाया गया है कि घरवासियों के बाहर पशुओं के पीने के लिये पानी रखी गई सीमेंट, प्लास्टिक के कंटेनरों में पानी भरा रहता हैं। घरवासियों द्वारा पानी से भरे कंटेनरों को न तो नियमित खाली किया जा रहा है ना ही कंटेनरों की साफ-सफाई की जा रही हैं जिसके कारण इन कंटेनरों में मच्छरों की पैदावार हो रही है जो कि बीमारियों का फैलाव करने में सहायक हैं। इस हेतु रहवासियों को समझाईश दी है कि इन कंटेनरों की नियमित साफ-सफाई करें ताकि बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके।

मच्छर जनित बीमारी के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा शहर में क्षैत्रीय कार्यकर्ता एवं फील्ड स्टॉफ द्वारा किया जा रहा है सघन लार्वा सर्वे एवं फॉगिग(धूंआ) | New India Times

भ्रमण के दौरान पाया गया कि शहर के रहवासी प्रायः सोते समय मच्छरदानी का उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें समझाईश दें कि रात एवं दिन में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग अवश्य करें। सर्वे के दौरान यह भी पाया गया है कि घरवासियों के बाहर पशुओं के पीने के लिये पानी रखी गई सीमेंट, प्लास्टिक के कंटेनरों में पानी भरा रहता हैं। घरवासियों द्वारा पानी से भरे कंटेनरों को न तो नियमित खाली किया जा रहा है ना ही कंटेनरों की साफ-सफाई की जा रही हैं जिसके कारण इन कंटेनरों में मच्छरों की पैदावार हो रही है जो कि बीkमारियों का फैलाव करने में सहायक हैं। इस हेतु रहवासियों को समझाईश दी है कि इन कंटेनरों की नियमित साफ-सफाई करें ताकि बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading