अविनाश द्विवेदी, भिंड ( मप्र ), NIT;
गुरुवार सुबह 11:00 बजे जिला कलेक्टर डाॅ. इलैया राजा टी भिण्ड को मध्यप्रदेश शासन के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के नाम का ज्ञापन बिजली विभाग के प्रमुख संगठन “यूनाइटेड फोरम” के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा अपनी 5 सूत्रीय माँगों को पूरी करवाने हेतु सौंपा गया।
प्रतिनिधि मण्डल ने NIT संवाददाता को बताया कि पूर्व में भी यूनाइटेड फोरम बिजली कर्मियों की 5 सूत्रीय मांगों को लेकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय को पत्र के माध्यम से अवगत करा चुका है किन्तु आज तक बिजली कर्मियों की प्रमुख 5 सूत्रीय मांगों का कोई निराकरण नहीं किया गया है। निरंतर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विद्युत विभाग में कार्यरत बोर्ड, नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों की अनदेखी की जा रही है, जबकि बिजली संविदा कर्मियों के नियमितीकरण हेतु “भाजपा जनसंकल्प 2013” में स्पष्ट उल्लेखित होने के बाबजूद भी आज तक बिजली संविदा कर्मियों को नियमित नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों एवं अधिकारियों में शासन और कम्पनी प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
ये हैं पांच सूत्रीय मांग पत्र
(1) सभी विद्युत कंपनियों के कर्मचारियों को सातवां वेतनमान 1 जनवरी 16 से केंद्र के समान जस का तस आगामी माह के वेतन में दिया जावे।
(2)भाजपा जनसंकल्प 2013 को पूरा करने हेतु संविदा कर्मियों का नियमितीकरण किया जावे।
(3)कमेटी की अनुशंसानुसार फ्रिंज बेनिफिट तुरंत लागू किया जाए।
(4) विद्युत कंपनियों में निर्मित एवं तकनीकी कार्यों के लिए आउटसोर्सिंग बंद की जाये एवं कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों का शोषण बंद हो, उनकी सेवाएं निरंतर बनी रहे एवं समान कार्य के लिए समान वेतन निर्धारण किया जावे।
(5)सभी कंपनियों में अधोसंरचना के अनुसार कई वर्षो से लंबित ऑर्गनाइजेशन स्ट्रक्चर को शीघ्र पूरा कर लंबित पदोन्नति संबंधी आदेश एवं तृतीय उच्च वेतनमान का लाभ 25 वर्ष में देने हेतु आदेश शीघ्र जारी किए जावे एवं पेंशनर्स की लंबित मांगों का निराकरण शीघ्र किया जाए।
उक्त मांगों का निराकरण यदि शीघ्र ही नहीं किया गया तो 27 अगस्त 2017 को यूनाइटेड फोरम द्वारा राजधानी भोपाल में रैली करने हेतु बाध्य होगा। उसके पश्चात भी अगर हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो 1 सितम्बर 2017 से सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में चरणबध्द आंदोलन किए जायेंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी मध्यप्रदेश शासन की होगी।
