अरशद आब्दी, झांसी ( यूपी ), NIT; 
उच्चतम न्यायालय द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने के बाद शिक्षामित्रों का सरकार के खिलाफ गुस्सा थमने का नाम ही नहीं ले रहा। गुस्साए शिक्षामित्र यूपी सरकार से बीच का रास्ता तलाशने के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्रों ने यूपी सरकार पर दबाव बनाने के लिए सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बाद भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शिक्षामित्रों के लेकर अभी तक कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद करीब 1,72,000 शिक्षामित्र के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। झांसी में शिक्षामित्रों का नेतृत्व कर रहे संयोजक संदीप यादव ने NIT संवाददाता को बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामलेे में हल निकालने के लिए 15 दिनों का समय मांगा था लेकिन 15 दिन पूरे होने के बावजूद भी अभी तक सरकार ने बर्खास्त शिक्षामित्रों के भविष्य के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
इसी वजह से आज बड़ी तादाद में शिक्षामित्रों ने कचहरी चौराहे से लेकर इलाइट चौराहे तक लंबा जुलूस निकाला। शिक्षामित्रों के इलाइट चौराहे पर पहुंचते ही पहले से ही मुस्तैद भारी संख्या में झांसी पुलिस ने घेर लिया। इस बीच दोनों ओर से तीखी नोकझोंक हुई। थोड़ी ही देर बाद झांसी प्रशासन बैकफुट पर नजर आया। दरअसल शिक्षामित्र झांसी के बीच इलाइट चौराहे पर राष्ट्रगान को गाने के लिए अड़ गए। देखते ही देखते इलाइट चौराहे को चारों ओर से शिक्षामित्रों ने घेर लिया और राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर राष्ट्रगान गाया।
जुलूस का नेतृत्व कर रहे संयोजक संदीप यादव ने बताया कि अगर जल्दी ही शिक्षामित्रों कि इस समस्या का हल नहीं निकाला गया तो अनिश्चितकालीन प्रदर्शन लखनऊ के लक्ष्मण झूला पार्क में किया जाएगा।
