मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर ज़िले में अधिक वर्षा होने से नदी नाले उफान पर है, शहरों और गांव का संपर्क टूट गया है। अति वर्षा के चलते ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कई ऐसे जर्जर मकान हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। और ऐसे जर्जर मकानों के असमय गिरने के कारण कभी भी कोई घटना घटित हो सकती है या कोई जनहानि हो सकती है लेकिन ऐसे पूराने और जर्जर मकानों की ओर आयुक्त, नगर निगम प्रशासन और उनके अधिकारियों और कर्मचारियों का कोई ध्यान नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम प्रशासन द्वारा शहरी क्षेत्र के ऐसे अनेक जर्जर मकानों को नोटिस जारी किया जा कर केवल औपचारिकता की गई है। ज़ीरो ग्राउंड पर कोई अमली कार्रवाई नगर निगम प्रशासन द्वारा नहीं की जा रही है। होना तो यह चाहिए कि नगर निगम प्रशासन ऐसे पूराने और जर्जर मकान में रह रहे नागरिकों को समझाइश देकर और वहां से निकाल कर नगर निगम अपने संसाधनों से खाली करा दे, लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस मामले में लापरवाही कर रहे हैं। प्राप्त शिकायतों के अनुसार शहर की शाही जामा मस्जिद के गेट से लगत एक पुराना जर्जर मकान को नोटिस जारी करने के उपरांत उक्त पूराने जर्जर मकान को लेकर नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जब कि देश विदेश के पर्यटक प्रतिदिन यहां आकर एतिहासिक शाही जामा मस्जिद को निहारते हैं। प्राप्त शिकायतों के अनुसार यदि नगर निगम समय रहते उक्त पूराने जर्जर मकान पर कोई विधि सम्मत कार्यवाही नहीं करती है तो निकट भविष्य में बड़ा हादसा होने का अंदेशा ज़ाहिर किया जा रहा है। क्योंकि अति वर्षा के कारण ऐतिहासिक परकोटे की दीवार भी बरसात से नहीं बच पाई। वह भी गिर पड़ी। तो ऐसे कमजोर और जर्जर मकान अपना अस्तित्व कैसे बचा पाएंगे। नगर निगम प्रशासन को शहर के ऐसे समस्त पुराने जर्जर मकानों पर तुरंत कार्रवाई करना चाहिए, ताकि निकट भविष्य में कोई जनहानि ना हो।
