सुभाष पांडेय, मीरा-भाईंदर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

मीरा रोड़ स्थित ‘सिल्वर पार्क अग्निशमन दल’ के फ़ायरमेनों को देर शाम यह सूचना मिली कि मीरा रोड़ के तीन बच्चे घोडबंदर स्थित चेना नदी में तैरने गए हैं। भारी मूसलाधार बरसात के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया, तीनों बच्चे नदी के बीचोबीच में एक उभरे हुए पत्थर पर अपनी जान बचाने के लिए चढ़ गए। चेना नदी में इन तीनों के फंसे होनी की सूचना फायरबिग्रेड वालों को प्रथमेश थैमान ने दी।
ज्ञात हो कि मुख्य फायर ब्रिगेड अधिकारी डॉ. प्रकाश बोराड़े के मार्गदर्शन में सिल्वर पार्क पालिका अग्निशमन दल के लीडिंग फायरमैन अरुण शिर्के की तत्परता से फ़ायरब्रिगेड के लोग जिनमें शिवाजी सावंत, सचिन पायकर, महादेव नाईक, ग्रेगसन गोजी, सिद्धार्थ भोईर, संतोष बोरकर, स्वागत राणे, नंदकुमार घरत, करण भोईर, मयूर पाटील, स्वप्निल दलवी ने बड़े ही सूझबूझ से कई घण्टों की मेहनत से दोरादण्ड के सहयोग से चेना नदी के बीच में फंसे भायंदर इंद्रलोक के निवासी संदीप त्रिपाठी (23), मनन भावसार (24), सौरभ पाटील (23) को निकाला। यह तीनों काफ़ी घबराए हुये थे। मीरा-भाईंदर अग्निशमन दल के फ़ायरमेनों ने इन तीनों को खूब ढांढस बंधाया था। आख़िरकार इन तीनों की जान बचाने में फायर-विभाग ने सफलता अर्जित कर ली। इस घटना से मीरा-भाईंदर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना के बाद शहर के जागरूक नागरिक, नगरसेवक, डॉक्टर, एडवोकेट, पत्रकारों ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. प्रकाश बोराड़े एवं उनके समस्त विभाग को हार्दिक बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया है।
