इकबाल खान व उनकी पत्नी डाॅ. रश्मि सहित 17 राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तरक्की पाकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बने | New India Times

अशफाक कायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

इकबाल खान व उनकी पत्नी डाॅ. रश्मि सहित 17 राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तरक्की पाकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बने | New India Times

राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारी इकबाल खान व उनकी पत्नी डाॅ. रश्मि सहित कुल 17 आरएएस अधिकारी विभिन्न ओपचारिकताएं पूरी करते हुये भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी बन जाने पर चारों तरफ खुशी का माहौल है।
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस रहे भंवरु खां के लाडले इकबाल खान व उनकी बहु डाॅ. रश्मि के तरक्की पाकर आईएएस बनने के पहले मुस्लिम समुदाय से प्रदेश में राजस्थान प्रशासनिक सेवा अन्य सेवाओं से चयनित होकर आईएएस बनने वालों में जे.एम खान, एम.एस खान, ऐ.आर खान, मोहम्मद हनीफ, अशफाक हुसैन, शफी मोहम्मद, उमरदीन खान व जाकीर हसैन भी राज्य सेवा से तरक्की पाकर आईएएस बन चुके हैं। जिनमें से उमरदीन खान व जाकीर हुसैन को छोडकर बाकी पहले ही सब सेवाकाल पुरा करके सेवानिवृत्त हो चुके हैं और जे एम खान व शफी मोहम्मद का इंतेकाल हो चुका है। जाकीर हुसैन अगले साल की शुरुआत में व उमरदीन खान अगले साल मध्य में सेवानिवृत्त होंगे।
राजस्थान में तरक्की पाकर आईएएस बनने वालों के अलावा सीधे तौर पर भारतीय सिविल सेवा क्लीयर करके राजस्थान केडर मिलने पर राजस्थान में पदस्थापित होने वाले आईएएस अधिकारियों में 1977 में सलाऊद्दीन अहमद खान व उनके बाद कमरुल जमन चौधरी, अतर आमिर व मोहम्मद जुनैद हैं। जिनसे से यूपी से तालूक रखने वाले सलाऊद्दीन अहमद खान मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुये हैं जबकि जम्मू कश्मीर से तालूक रखने वाले कमरुल जमन चौधरी जोधपुर डवलपमेंट अथोरिटी में कमिश्नर पद पर व केरल से तालूक रखने वाले मोहम्मद जुनैद भरतपुर जिले के नदबई उपखंड में उपखंड अधिकारी पद पर तैनात हैं। जबकि अतर आमिर अपने गृह प्रदेश जम्मू कश्मीर में पांच साल के लिये डेपुटेशन पर गये हुये हैं।
कुल मिलाकर यह है कि डीडवाना तहसील के झाड़ोद गावं निवासी आज तरक्की पाकर आईएएस बने इकबाल खान के पिता जस्टिस भंवरु खां राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस रहे। उनके दादा बक्सू खां सीनियर पुलिस अधिकारी व परदादा ममदू खां रियासत काल में जोधपुर रियासत में कप्तान रहे हैं। इनके अन्य परिजन पुलिस व अन्य सेवाओं में अधिकारी रहे हैं।

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