ग्रामीण शादियों में कोरोना गाइड लाइन का पालन करें, स्वास्थ्य खराब होने पर अस्पताल जाकर जांच करावें, जिला प्रशासन व्यापारियों के संपर्क नम्बर जारी कर होम डिलेवरी की सुविधा मुहैया करावे: जयस | New India Times

रहीम शेरानी हिदुस्तानी, अलीराजपुर (मप्र), NIT:

ग्रामीण शादियों में कोरोना गाइड लाइन का पालन करें, स्वास्थ्य खराब होने पर अस्पताल जाकर जांच करावें, जिला प्रशासन व्यापारियों के संपर्क नम्बर जारी कर होम डिलेवरी की सुविधा मुहैया करावे: जयस | New India Times

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वजह से ग्रामीण क्षेत्र में गत वर्ष से शादियां रुकी हुई हैं. इस वर्ष जिला प्रशासन के दिशा निर्देश एवं कोविड-19 की गाइड लाइन से ग्रामीण क्षेत्र, आदिवासी समाज में शादियां चल रही हैं, परंपरागत रीति रिवाज एवं पूजा पाठ के लिए दूल्हा- दुल्हन की आवश्यक सामग्री दुकानें बंद होने से नहीं मिल पा रही है,
आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए ग्रामीण बाजार में आये दिन भटक रहे हैं, जिला प्रशासन शादी कराने के लिए गाइड लाइन तो जारी कर दी है लेकिन प्रशासन यह भूल गया है कि कोई कार्यक्रम करना है तो आवश्यक सामग्री कहा से लायेंगे, ग्रामीण जन शादी की तारीखें तय कर आवश्यक सामग्री खरीदने एवं उसके बंदोबस्त के लिए बाजार आ रहे हैं परन्तु पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य प्रवेश से ही भगा दिया जाता है और कहीं से बाजार में आ भी जाते हैं तो सभी दुकान बंद होने से बहुत परेशान होते हैं,
जिला प्रशासन से मांग है कि व्यापारी लोगों के संपर्क नम्बर जारी करवाये जाएं तथा फोन पर प्राप्त आर्डर अनुसार व्यापारीयों के माध्यम से होम डिलीवरी की सुविधा मुहैया करवाई जावे या एक निश्चित समय स्थल तय किया जाना चाहिए जिससे कि शासन गाइड लाइन का पालन करते हुए ग्रामीण जन सामग्री खरीद कर शादियां सम्पन्न करा सकते हैं।

आदिवासी समाज के सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा भी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में सतत संपर्क कर आये दिन होने वाली आकस्मिक मृत्यु होने पर निगरानी रख रहे हैं और सतर्कता रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है,
शादियों में कम से कम लोगों को आमन्त्रीत कर परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में ही शादी सम्पन्न करने, 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना वायरस का टीका अनिवार्यतः लगाने एवं सर्दी जुकाम, खासी, बुखार होने पर तत्काल अस्पताल जाकर जांच कराने के साथ ही आवश्यक सतर्कता के लिए जनजाग्रति की अपील की जा रही है।

साथ ही मांग की जाती है कि ग्रामीण जन छोलाछाप बंगाली डॉक्टरों के यहां चूपचाप इलाज करवाने के कारण ग्रामीणों की कोरोना की जांच नहीं हो पा रही है,
स्थिति गंभीर होने पर ही ग्रामीण अस्पताल आ रहा है जिसके कारण स्वस्थ्य में रिकवर नही होता है, संदिग्ध पाए जाने पर तत्काल जांच की जावे ताकि परिवार के अन्य सदस्यों को संक्रमित होने से बचाया जा सके।

ग्रामीण शादियों में कोरोना गाइड लाइन का पालन करें, स्वास्थ्य खराब होने पर अस्पताल जाकर जांच करावें, जिला प्रशासन व्यापारियों के संपर्क नम्बर जारी कर होम डिलेवरी की सुविधा मुहैया करावे: जयस | New India Times

जयस राज्य प्रभारी मुकेश रावत ने कहा कि जिला प्रशासन को कोरोना कर्फ्यू के दौरान आम लोगों की सुविधाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए,
ताकि नागरिकों को कोई असुविधा ना हो।

जयस जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान ने कहा कि जिला प्रशासन ग्रामीण एवं आम लोगों की दैनिक प्रक्रिया एवं उपयोगी सामग्री जैसे साग-सब्जी,दाल,हल्दी मसाला, तथा आवश्यक सामग्री की उपलब्धता के लिए होम डिलेवरी व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना नही करना पड़े।

अरविंद कनेश जयस जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शादियों का सीजन चल रहा है हमारे द्वारा भी कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के लिए अपील की जारी है,
परन्तु सम्पूर्ण जिले में कोरोना कर्फ्यू लागू होने से सभी दुकान बंद हैं,
शादियों को सम्पन्न करने के लिए आवश्यक सामग्री की आवश्यकता होती है,जिसके लिए ग्रामीण भाई बाजारों में भटक रहा है, जिला प्रशासन त्वरित कार्यवाही कर व्यापारीयों से संपर्क नम्बर जारी करवा कर घर पहुच सुविधा मुहैया करवाई जाना चाहिए। यहां तक कि किसी की मृत्यु होने पर भी अंतिम संस्कार के लिए भी आवश्यक सामग्री ग्रामीण जनों को उपलब्ध नही हो पा रही है।

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