इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

दमोह जिले में पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर की मौत की गुत्थी नवागत पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के मार्गदर्शन में महज 24 घंटे के भीतर सुलझा ली गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

दमोह शहर के सागर नाका क्षेत्र में बुधवार को दिनदहाड़े हुए इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि बरमासा गांव निवासी एवं पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर की मौत सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश के चलते की गई सुनियोजित हत्या थी।
आरोपियों ने पहले देवेंद्र ठाकुर की मोटरसाइकिल को स्कॉर्पियो वाहन से पीछे से टक्कर मारी और फिर उन पर वाहन चढ़ाकर हत्या कर दी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बुधवार शाम करीब 4 बजे देवेंद्र ठाकुर अपनी मोटरसाइकिल से सागर रोड क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान सफेद रंग की स्कॉर्पियो में सवार आरोपी उनका पीछा करते हुए पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कॉर्पियो ने तेज रफ्तार में मोटरसाइकिल को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। गिरने के बाद भी आरोपी नहीं रुके और दोबारा वाहन आगे बढ़ाकर देवेंद्र ठाकुर के ऊपर चढ़ा दिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में देवेंद्र ठाकुर को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने तत्काल विशेष जांच टीम गठित की। शहरभर में सघन अभियान चलाकर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, वाहन की लोकेशन, मुखबिर तंत्र और पुराने विवादों की जानकारी के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
पुलिस ने नोहटा थाना क्षेत्र के एक गांव से दो आरोपियों वैभव राजपूत और विशाल राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार वैभव राजपूत स्कॉर्पियो चला रहा था और वही मुख्य आरोपी है। तीसरा आरोपी अभिषेक राजपूत फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई सफेद स्कॉर्पियो को जबलपुर बाईपास के पास लावारिस हालत में बरामद कर लिया है। जांच में पता चला कि वाहन आरोपियों के पिता दुर्गेश राजपूत के नाम पर पंजीबद्ध है। वाहन को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
एसपी दमोह के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद चल रहा था। वर्ष 2020 और 2021 में दोनों पक्षों के बीच क्रॉस एफआईआर भी दर्ज हुई थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने देवेंद्र ठाकुर की हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों को देवेंद्र ठाकुर की गतिविधियों की पहले से जानकारी थी और मौका मिलते ही उन्होंने वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है।

