नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

किसी भी पार्टी के राजकीय एजेंडे को समाज मे दूरगामी तरीके से सेट करने के लिए प्राइमरी टीचर्स को टूल किट बनाया जाता रहा है। लेकिन जब राष्ट्रहित मे योगदान की बात आती है तब यही टीचर्स अपने आकाओ की मेहरबानी से बच जाते है। SIR के बाद राष्ट्रीय जनगणना 2026 के कामकाज के कर्तव्य से बचने के लिए कामचोर शिक्षक मंत्रियों की चौखट फांक रहे हैं।

सरकार में बैठी बीजेपी और सहयोगी दलों के पार्ट टाइम वर्कर्स बन चुके सरकारी विभागों में कार्यरत चहीते वेतनभोगी कर्मचारियों को सेंसस ड्यूटी से राहत दी जा रही है। खबर में प्रकाशित आवेदन पत्र में मांग की गई है कि जनगणना के कामकाज से छुटकारा पा रहे निजी स्कूलो के शिक्षकों और उनको राहत देने वाले अधिकारियों की सघन जांच की जाए। मंत्रियों के स्कूल्स के कुछ टीचर का कहना है कि हमारी रीढ़ की हड्डी में मोच नहीं होने के कारण हम सेंसस का काम कर रहे हैं।
पवार ने सी ई ओ से की बात :
जामनेर के सोनबर्डी स्थित जलतरण तालाब के चैंबर में गिरकर जान गंवा चुके चार साल के बच्चे के मामले ने नगर परिषद को दूसरी बार आरोपी के कठघरे में खड़ा कर दिया है। निगम के नेता विपक्ष जावेद इकबाल अब्दुल रशीद मुल्लाजी ने पीड़ित के परिजनों को दस लाख रुपए सहायता देने की मांग की है।
जावेद की आवाज़ ने विधायक रोहित पवार को बोलने के लिए विवश किया। रोहित ने नगर परिषद के सी ई ओ से बात की और तत्काल प्रभाव से राहत राशि प्रदान करने की सूचना करी। जामनेर की राजनीति में बड़ी तेजी से आ रहे बदलाव भविष्य में बड़े उलटफेर की ओर इशारा कर रहे हैं।

