नरेंद्र कुमार इंगले, ब्यूरो चीफ जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भुसावल नगर निगम की मेयर गायत्री चेतन भंगाले का जाति वैधता प्रमाणपत्र सरकारी जांच समिति द्वारा अवैध करार दिया गया है। इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। भंगाले ने चुनाव में भाजपा के कैबिनेट मंत्री संजय सावकारे की पत्नी रजनी सावकारे को हराकर मेयर पद हासिल किया था।
जिलाधीश ने स्पष्ट किया है कि वैधता समिति का यह निर्णय अंतरिम (इंटरिम) है और मेयर चाहें तो इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील कर सकती हैं। समिति के फैसले के बाद भाजपा खेमे में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की ओर से वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे और संतोष चौधरी के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भुसावल विधानसभा और नगर निगम में विधायक एवं मेयर दोनों पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम के पीछे आगामी 2029 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक रणनीति भी हो सकती है, जिससे संजय सावकारे की सीट को सुरक्षित किया जा सके।
इस बीच, जामनेर नगर परिषद चुनाव में मेयर पद पर चुनाव लड़ने से वंचित ज्योत्सना विसपुते भी पिछले छह महीनों से मुंबई हाई कोर्ट में न्याय की प्रतीक्षा कर रही हैं।
अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि औरंगाबाद हाई कोर्ट में गायत्री भंगाले के मामले की सुनवाई कितनी तेजी से होती है और कोर्ट इस प्रकरण को किस गंभीरता से लेता है। स्थानीय स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर चर्चाओं और अटकलों का दौर जारी है।

