मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

यवतमाल शहर और आसपास के तालुका क्षेत्रों में गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम कारोबार जारी है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा गुटखे पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद बस स्टैंड परिसर, स्कूल-कॉलेजों के आसपास और ग्रामीण इलाकों की पान दुकानों पर यह आसानी से उपलब्ध हो रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये के इस अवैध कारोबार पर न तो पुलिस प्रशासन और न ही खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नजर आती है, जिससे विक्रेताओं के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर गुटखा बेच रहे हैं।
इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर युवाओं और स्कूली छात्रों पर पड़ रहा है, जो तेजी से गुटखे की लत का शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होने के बावजूद इसकी आसान उपलब्धता ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि इस अवैध धंधे पर लगाम लगाई जा सके और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।

