अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के कुलसचिव डॉ रामाशीष पूर्वे ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा है कि, पेंशनर अमरेंद्र झा अपने निजी स्वार्थ के लिए आये दिन अखबारों में गलत बयानी कर विश्वविद्यालय प्रशासन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
कुलसचिव ने कहा की अमरेंद्र झा द्वारा पेंशनरों की संचिका मामले में अख़बारों में दिया गया बयान सत्य से परे है। उन्होंने कहा कि, यह सरासर झूठा और गलत आरोप है अनर्गल है। खुद अमरेंद्र झा गलत तरीके से ज्यादा भुगतान लिए हैं इसलिए ऐसे मामलों में सख़्ती की गई है। ज्यादा भुगतान मामले में अमरेंद्र झा से रिकवरी का आदेश दिया गया है। इन्हीं कारणों से अमरेंद्र झा मीडिया के माध्यम से गलत बयानी कर रहे हैं। गलत तरीके से ज्यादा भुगतान संबंधी पूर्व में भी कई फाइलें पकड़ी गई थीं ऐसे मामलों में ऑफिस आर्डर संख्या 105 निर्गत कर सभी फाइल पर एक विशेष मुहर लगाकर वापस कर दिया गया है। इस आदेश में कहा गया है की गणना सही रूप से की गई है या नहीं पूर्व में भुगतान तो नहीं हुआ है।
मालूम हो कि, पार्ट फाइल बनाकर कुछ लोगों ने गलत तरीके से भुगतान कर लिया था। इस तरह की तीन फाइलें पकड़ी गई थी। मामला संज्ञान में आते ही उक्त आदेश को निकाला गया है।
कुलसचिव ने कहा की अमरेंद्र झा व्यक्तिगत लाभ के लिए भ्रम फैलाते हैं और आये दिनों विश्वविद्यालय में वेबजह धरना प्रदर्शन करते रहते हैं।
रजिस्ट्रार डॉ रामाशीष पूर्वे ने कहा की यदि अमरेंद्र झा अपनी आदतों से बाज नहीं आएंगे और बेवजह विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करते रहेंगे तो बाध्य होकर उनके खिलाफ मानहानी जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
