बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए बाहरी कंपनियों को प्राथमिकता, केंद्रीय मंत्रियों की सहभागिता ? | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए बाहरी कंपनियों को प्राथमिकता, केंद्रीय मंत्रियों की सहभागिता ? | New India Times

महाराष्ट्र में कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखने के लिए बीजेपी ने 1975 की तरह जनता सरकार जैसा प्रयोग कर अपनी विचारधारा से समझौता कर लिया है। दस साल में महाराष्ट्र को इस कदर कर्ज़ में झोंक दिया गया है कि सरकार सुप्रमा (सुधारित प्रशासनिक मान्यता) के बजाय कुछ भी नहीं कर सकती। 2029 तक सरकार को कुल ऋण 8 लाख 10 हजार करोड़ रुपए में से तीन लाख करोड़ रुपए ब्याज के साथ चुकाने पड़ेंगे तभी नया लोन मिल सकेगा। बकाया राशि भुगतान के लिए प्रदेश के ठेकेदार हड़ताल पर जा रहे हैं। नेताओं मंत्रियों के पसंदीदा चंद ठेकेदार वहीं टेंडर ले रहे हैं जिसका पैसा सीधा केंद्र सरकार से मिलने की गारंटी है।एकनाथ शिंदे सरकार ने जाते जाते एक लाख करोड़ रुपए के सड़क निर्माण टेंडर्स डिजाइन किए है।

बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए बाहरी कंपनियों को प्राथमिकता, केंद्रीय मंत्रियों की सहभागिता ? | New India Times

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार में बैठे कुछ मंत्री ऐसे है जो दक्षिण भारत के राज्यो में दो लाख करोड़ रुपए तक की रकम के अलग-अलग सड़क प्रोजेक्ट पर खुद अपनी NGO’s के नाम ठेके लेकर काम कर रहे है। इसमें इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से बीजेपी और अन्य पार्टियों को चंदा देने वाली कंपनियों की भूमिका संदेहजनक है। कांग्रेस USAID फंडिंग को लेकर अमरीका और RSS के आर्थिक संबंधों पर श्वेतपत्र की मांग कर रही है। बिक चुका गोदी मीडिया इन ख़बरों को दिखा नहीं सकता इस लिए नागरिकों को अपना मोबाइल अपना मीडिया मुहिम को बढ़ावा देना होगा। कांग्रेस को दक्षिण भारत के राज्यों में विकास के नाम पर चल रहे केंद्रीकृत कमीशन घोटाले का सच जनता के सामने लाना चाहिए। अगली रिपोर्ट में हम कुंभ के कारण नेताओं और विकासको के जीवन में आने वाली हरियाली पर पाठकों को अवगत कराने का प्रयास करेंगे।

मराठी भाषा गौरव: जामनेर तालुका एजुकेशन सोसायटी संचालित मालदाभाडी न्यू इंग्लिश स्कूल में मराठी भाषा गौरव दिवस पर कवि बहिणाबाई चौधरी द्वारा लिखी गई कविताओं का पाठ किया गया। संदेश खूरपुडे, रोशनी काले, प्रतीक्षा खराडे ने मराठी भाषा साहित्य का परिचय कराया। एस आर शेकोकार, ए बी पाटील, आर एल कोली, एन जी पाटील, वी आर सैतवाल इन अध्यापकों ने छात्रों को मार्गदर्शन किया।

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