सशक्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष की शिकायत के बाद आबकारी विभाग के अधिकारी ने दबंगता से विभिन्न अहाते बंद कराने की बड़ी कार्यवाही की | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

सशक्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष की शिकायत के बाद आबकारी विभाग के अधिकारी ने दबंगता से विभिन्न अहाते बंद कराने की बड़ी कार्यवाही की | New India Times

सामाजिक गतिविधियों और शहर के ज्वलनशील मुद्दों में अग्रणी सशक्त पत्रकार समिति द्वारा मध्य प्रदेश शासन के नियम विरुद्ध शहर में विभिन्न स्थानों पर अवैध अहाते का मामला उठाया है। संस्था के प्रदेश अध्यक्ष उमेश जंगाले ने बकायदा इस ऑपरेशन का नाम  “अवैध अहाते का सफाया” रखा है। मतलब शहर में संचालित हो रहे अवैध शराब अहाते का पूरी तरह से “सफाया” (बंद) कराना है। इस ऑपरेशन के तहत जंगाले ने अवैध अहाते से संबंधित कई शराब दुकानों पर जाकर पड़ताल भी की और यहां संचालित हो रहे अवैध अहाते के बारे में जानकारी ली। बता दें कि उमेश जंगाले द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन में बस स्टैंड के श्रीमती रामबाई शिवहरे और अमरावती रोड़ के श्री शनिदेव लिकर्स ट्रेडर्स के शराब दुकानदार यह कहते नज़र आए कि शराब दुकान की आड़ में बैठकर पीने की पूरी व्यवस्था है। आप अंदर जाकर आराम से बैठकर शराब पी सकते हैं। कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन मीडिया कैमरा देखने के बाद यह अपनी बात से मुखरते भी नज़र आए।

जंगाले ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पार्टी के सांसद और विधायक के होते हुए भी शहर में शराब अहाते की अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सांसद और विधायक का इस प्रकार की गलत गतिविधियों की ओर ध्यान नहीं होना समझ से परे हैं। जबकि इनकी सरकार के आदेश की अवहेलना हो रही है और बनाए नियमों का खुलेआम शराब माफिया उल्लघंन करके शहर का स्वच्छ वातावरण खराब कर रहे हैं। सांसद और विधायक ने इस ओर भी ध्यान देना चाहिए। वहीं उक्त मामले को लेकर सशक्त पत्रकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमेश जंगाले ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्त अहाते पूर्ण रूप से बंद कर अवैध अहाते संचालनकर्ताओं पर कार्यवाही करने की मांग की थी। उन्होंने आबकारी विभाग को 8 दिवस में कार्यवाही करने का अल्टिमेटम भी दिया था। कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में संस्था ने आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी, जिसके बाद आबकारी विभाग के एक अधिकारी ने 8 दिवस पुर्व ही अवैध अहाते के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

जिसके बाद सहायक आबकारी अधिकारी ने दबंगता के साथ शहर के सिंधी बस्ती झूलेलाल मंदिर के पास, बस स्टैंड, गुजराती समाज मार्केट, ट्रांसपोर्ट नगर खंडवा रोड स्थित शराब दुकान की आड़ में संचालित हो रहे अवैध अहाते को तत्काल प्रभाव से बंद कराकर ताले लगवा दिए और अहाता संचालकों को फटकार लगाते हुए आगे से अवैध अहाते नहीं चलाने की हिदायत दी। इस कार्रवाई से अवैध अहाता संचालकों में हड़कंप मच गया और कुछ अहाता संचालकों ने अपने-अपने अहाता पर ताला जड़ कर रफूचक्कर हो गए। वहीं आबकारी विभाग की कार्यवाही के दौरान अहाता में बैठकर शराब पीने वाले 50 से अधिक लोग आबकारी अधिकारियों के हत्थे चढ़े लेकिन उन्हें समझाइश देकर छोड़ दिया गया। वहीं कई शराबी कैमरे से मुंह छिपाते नज़र आए।

इस कार्यवाही के बाद सशक्त पत्रकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमेश जंगाले ने कहा कि आबकारी विभाग के सहायक जिला आबकारी अधिकारी द्वारा अच्छी कार्यवाही की गई, लेकिन कुछ अहाते अब भी संचालित हो रहे हैं, जो इस प्रकार हैं :  लालबाग रोड ताप्ती मिल के सामने अजिंदर सिंह बैदी, अमरावती रोड़ ताप्ती नदी पुल दौलतपुरा शराब दुकान श्री शनिदेव लीकर्स ट्रेडर्स, बस स्टैंड की श्रीमती रामबाई शिवहरे शराब दुकान, रेणुका माता मंदिर रोड़ स्थित, शाही किला रोड़ स्थित शराब दुकान व इसके साथ ही अन्य कुछ स्थानों पर अब भी अहाते चालु हैं, आबकारी विभाग इन पर भी जल्द कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी पर शराब की अधिक लत से बुरा असर पड़ रहा हैं। आमजन मानस इस अवैध गतिविधि से त्रस्त व परेशान हैं। अहाते के पास से कई स्कूली विद्यार्थियों का भी आना जाना लगा रहता हैं। इन बच्चों पर भी बुरा असर पड़ रहा हैं।

जंगाले ने कहा कि अवैध अहाते में शराब पीकर निकलने वाले शराबी कई बार लड़कियों से छेड़खानी जैसी घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं, जिससे महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस समझ रही हैं। अहाते में बैठाकर शराब पीने वाले कई शराबियों द्वारा रोड पर राह चलते आमजन मानस से भी विवाद किया जा रहा है। कई बार शराबी रोड पर खुलेआम शराब पीकर उत्पात मचा रहे हैं। आए दिन सिंधी बस्ती स्थित शराब दुकान के बाहर शराबी युवाओं द्वारा विवाद किया जाता रहा हैं। लेकिन यह अहाता बंद होने से इस पर लगाम लगेंगी। उन्होंने बताया कि शराब माफिया शराब दुकान की आड़ में अहाते किराए पर दे रहे थे और बदले में किराए के रुप में अहाता संचालकों से 1500 से 2000 रूपये प्रति दिन किराया ले रहें थे, जिससे शासन के राजस्व को भी आर्थिक नुकसान हो रहा था। इस मुद्दे पर प्रीतम महाजन, अनील महाजन, तौकीर आलम, संदीप भालसिंह, भगवानदास शाह, राशिद अंसारी, वशीद खान सहित अन्य पत्रकारगणों का सहयोग रहा।

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