राजधानी भोपाल में सद्भावना मंच द्वारा आपसी एकता और भाई चारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सद्भावना संसद का किया गया आयोजन | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

राजधानी भोपाल में सद्भावना मंच द्वारा आपसी एकता और भाई चारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सद्भावना संसद का किया गया आयोजन | New India Times

जमीअत उलमा मध्यप्रदेश की इकाई भोपाल शहर जमीअत उलमा द्वारा आज बरकतुल्लाह स्कूल कैम्प्स बदरखा सड़क पर सद्भावना संसद का आयोजन किया गया।जिसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होकर आपसी एकता भाई चारे का संदेश दिया । कार्यक्रम की अध्यक्षता जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने की। हाजी हारून ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जमीअत उलमा ए हिन्द का मक़सद देश मे तेज़ी के साथ फेल रही नफरतों का जवाब प्यार से दिया जाए। फ़िरक़ा परस्त ताकतें अगर नफरत का ज़हर घोलने में लगी हैं तो ऐसे में हमारा फ़र्ज़ है कि हम मोहब्बत के पैग़ाम को उससे सो गुना ज़्यादा तेज़ी से फैलाएं। उन्हों ने कहा कि जमीअत की टीम अब घर घर गांव गांव मोहब्बत के पैग़ाम को आम करेगी जमीअत उलमा हिन्द की यह कोशिश उन लोगों के लिए है जो नफरत का ज़हर देश में घोलने की नाकाम कोशिश में हैं और उनकी संख्या बोहोत थोड़ी है अगर हमारा प्रयास तेज़ हो जाए तो वो फ़िरक़ा परस्त ताकतें नाकाम होंगी और देश हित में यह सद्भावना का संदेश मील का पथतर साबित होगा। देश में हालात यह है कि समाज में जहर घोल रही सांप्रदायिकता और मुसलमानों के नरसंहार की लगातार धमकियों के बावजूद ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस प्रशासन की लाचारी या यूं कहें कि जान-बूझकर की गई लापरवाही के चलते मानवता के विरुद्व विचार रखने वाले लोग लगातार संरक्षण पा रहे हैं। इसके मद्देनजर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने समाज को एकजुट करने के लिए ’सद्भावना संसद’ की श्रृंखला शुरू की है, जो देश के कोने-कोने में जारी है।
इस अवसर पर हाजी हारून ने सद्भावना संसद का दस सूत्रीय संकल्प पत्र भी प्रस्तुत किया, जिसमें कहा गया है कि (1) देश और समाज की सेवा, सुरक्षा एवं विकास कार्यों के लिए सदैव हम सब तत्पर रहेंगे (2) राजनीति और धर्म के मामले में टकराव की स्थिति से बचेंगे (3) चाहे हम किसी भी धर्म के अनुयायी या राजनीतिक दल के मतदाता हों लेकिन देश में सद्भावना को मजबूत करने में एकजुट रहेंगे (4) किसी धर्म एवं धर्मगुरुओं पर किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी, गलत बात या ओछे शब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे (5) अगर कहीं पर भी साम्प्रदायिक वातावरण खराब होता है तो फौरन हम सब विशेष रूप से क्षेत्र की साझा कमेटी आपस में मिल-बैठ कर मामले का समाधान कराने की कोशिश करेंगे (6) धर्म एवं समुदाय के भेदभाव के बिना गरीब और परेशान लोगों की मदद खुले दिल से करेंगे (7) अपने-अपने क्षेत्रों में सद्भावना के कार्यक्रम आयोजित करेंगे (8) जिला और शहरों के चौराहों पर सद्भावना कैंप लगाएंगे (9) जगह-जगह सद्भावना यात्रा निकालेंगे (10) मानवता का संदेश देंगे और उसकी भावना लोगों में मजबूत करेंगें।
ज्ञात हो कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने इस वर्ष देवबंद में आयोजित प्रबंधन समिति की सभा में घोषणा की थी कि देशभर में कम से कम एक हजार सद्भावना संसद आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा था घृणा अगर किसी एक समाज और देशवासियों के बीच पैदा की जाए तो उसका जवाब नफरत नहीं बल्कि प्यार है।
देश की वर्तमान स्थिति किसी से ढकी-छिपी नहीं है। ऐसे में देश से प्रेम करने वाले जिम्मेदार नागरिक और संगठन, विशेषकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद चुप नहीं रह सकते और नफरत एवं घृणा फैलाने वाली इन शक्तियों के विरुद्ध शांति, एकता, आपसी भाईचारे और धार्मिक सद्भाव का वातावरण पैदा करने के लिए मिलजुल कर पहल करना अपना कर्तव्य समझती हैं।
जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के प्रेस सचिव हाजी मोहम्मद इमरान ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सद्भावना संसद के कार्यक्रम महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, हरियाणा, मेवात और पंजाब, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, झारखंड और गोवा इत्यादि में आयोजित हुए इसी कड़ी में भोपाल और मध्यप्रदेश के कई शहर में सद्भावना संसद का आयोजन हुआ आज सद्भावना संसद का संचालन जमीअत उलमा मध्यप्रदेश के महा सचिव मोहम्मद कलीम एडवोकेट ने किया। जिसमें मुख्य रूप से ईसाई धर्म से साझी अब्राहम, श्री राहुल मण्डलोई, डॉक्टर इक़बाल मसूद,पूर्व डीजी एम डब्ल्यू अंसारी, डॉक्टर मेहरुल हसन वरिष्ठ उर्दू पत्रकार आरिफ अज़ीज़,मोहम्मद कलीम एडवोकेट, मुफ्ती मोहम्मद सईद हाफ़िज़ इस्माइल बेग ने संसद को संबोधित किया कार्यक्रम में प्रोफेसर तारिक़ ज़फ़र, साजिद अहमद, मुल्ला मोहसिन अली दाउदी बोहरा जमात, मुफ्ती साबिर,मुफ़्ती अंज़र,मेहबूब आलम क़ासमी, संतोष सिंह, हनीफ़ अय्युबी, मोहम्मद ताहिर,मोहम्मद यासीर,हाजी मोहम्मद इमरान हारून, एवं बड़ी संख्या में सभी धर्मों के वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ईसाई धर्म के साझी अब्राहम ने कहा कि जमीअत सद्भावना मंच की इन कोशिशों और प्रयासों का करना समय की बड़ी ज़रूरत है और हम हमेशा देश हित मे क़दम से क़दम मिला कर साथ चलेंगे दूसरी और राहुल मण्डलोई ने संबोधित करते हुए नो जवानों में सद्भावना के इस प्रयास को मजबूती के साथ आगे ले जाने की बात रखी।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article