मो. मुजम्मिल, छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मेरा गांव मेरी धरोहर सर्वे की 10 मार्च से शुरुआत हो गई है. जिले भर के गांव के सांस्कृतिक धरोहर की सूचना को मोबाइल में कैद किया जाएगा जिसमें अपने गांव अपनी माटी अपनी धरोहर से लोग जुड़ सकेंगे. भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और सीएससीई गवर्नेंस के माध्यम से अनुबंध किया जा चुका है. जिले में समस्त सीएससी संचालकों का सर्वे का प्रशिक्षण किया गया. इसे लेकर सीएसई जिला प्रबंधक शोएब खान और परितोष साहू ने बताया कि गांव की सांस्कृतिक सूचना मोबाइल ऐप के जरिए कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक द्वारा सर्वे किया जाना है इसके लिए ग्राम स्तर पर सीएससी संचालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है मेरा गांव मेरी धरोहर नाम दिया गया है. इस योजना के तहत जिले के सभी ग्राम के सीएसपी संचालक को ट्रेनिंग कराई जा रही है. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत सीएससी कॉमन सर्विस सेंटर और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से पहली बार यह कार्य किया जा रहा है।
