अशफाक कायमखानी, ब्यूरो चीफ, जयपुर (राजस्थान), NIT:

राजधानी जयपुर शहर में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच करवाने के लिये अनेक बेहतरीन स्टेडियम मौजूद होने के बावजूद राजस्थान सरकार के पावरफुल मंत्री महेश जोशी के पूत्र रोहित जोशी द्वारा वक्फ भूमि कर्बला पर क्रिकेट पिच बनाकर वहां क्रिकेट प्रतियोगिता करवाने की ज़िद के चलते घटे घटनाक्रम से खासतौर पर कांग्रेस पार्टी की भारी फजीहत हुई है। घटना क्रम में मंत्री के इशारे पर सरकारी दवाब बनाने व एक उच्च पुलिस अधिकारी द्वारा विरोध करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के सामाजिक कार्यकर्ता पप्पू कुरेशी को थाने मे धमकाने के बाद प्रदेश भर में मामला गरमा गया है। पूरे घटनाक्रम को लेकर विभिन्न संगठनों का समूह मुस्लिम फोरम भी अब सामने आ गया है।
आयोजकों ने कर्बला मैदान पर क्रिकेट प्रतियोगिता करवाने की ज़िद करने पर सामाजिक स्तर पर उठे विरोध के बावजूद सत्ता के नशे में चूर मंत्री पुत्र के इशारे पर विरोध करने वाले लोगों को पुलिस द्वारा धमकाने व गिरफ्तार करने के चलते आखिरकार जब शहर के दो कांग्रेस विधायक रफीक खान व विधायक आमीन कागजी ने वक्फ भूमि पर प्रतियोगिता कराने व पुलिस ज्यादती का विरोध किया तो आयोजको ने प्रतियोगिता को रद्द नहीं करके स्थगित करने का ऐलान किया है। विरोध करने वाले सामाजिक कारकून पप्पू कुरेशी को चाय के बहाने थाने लेजाकर एक एएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा धमकाने व टार्चर करने को लेकर कांग्रेस विधायक रफीक खान व विधायक आमीन कागजी ने लोगों के साथ जाकर पुलिस कमिश्नर को शिकायत देकर कार्यवाही की मांग की है। वहीं पप्पू कुरेशी ने अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात भी की है।
कुल मिलाकर यह है कि जयपुर के जानकार बताते हैं कि एक समय वो था जब 1977 में आई जनता पार्टी सरकार के मुखिया भैरोंसिंह शेखावत ने जोहरी बाजार स्थित जामा मस्जिद का मुख्य सड़क पर दरवाजा निकालने में सरकारी हस्तक्षेप करके मदद करते हुये कानून की पालना करवाई थी दूसरी तरफ आज कांग्रेस सरकार के पावरफुल मंत्री महेश जौशी के पुत्र सत्ता की ताकत पर वक्फ भूमि कर्बला मैदान पर क्रिकेट प्रतियोगिता करवाया कर उसे विवादित भूमि बनाने की कुचेष्टा कर रहे हैं। इन सब घटनाक्रमों पर मुख्यमंत्री गहलोत की चुप्पी संशय पैदा करती है। जयपुर की मुस्लिम बहुल सीट हवामहल से कांग्रेस की टिकट पर जीते विधायक व वर्तमान में जलदाय मंत्री महेश जोशी की इस प्रकरण में जारी हठधर्मिता को लेकर भी राज्य भर मे चर्चा जारी है।
