अशफाक कायमखानी, सीकर/जयपुर (राजस्थान), NIT:

प्रदेश के दिग्गज किसान नेता व पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी नारायण सिंह की जन्म व कर्मभूमि रही जिले की दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के धीरजपुरा गांव में राज्य के वन एवं प्रर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी के अतिथ्य में आयोजित एक समारोह में शहीद मुकेश कुमार बूरडक की प्रतिमा का अनावरण किया गया। समारोह में हेमाराम चौधरी के अलावा चौधरी नारायण सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया, नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी, खण्डेला से कांग्रेस प्रत्याशी रहे सुभाष मील व चौधरी नारायण सिंह की राजनीतिक विरासत सम्भाल रहे उनके पूत्र विधायक वीरेन्द्र सिंह मौजूद थे। इस अवसर पर शहीद के माता पिता भी विशेष रुप से मौजूद थे।
मूर्ति अनावरण के तत्पश्चात सभा का आयोजन किया गया जिसको उक्त नेताओं ने सम्बोधित किया। सभा के पहले शहीद के सम्मान में ग्राम रेटा से तिरंगा रैली निकाली जो दुधवा से धीरजपुरा पहुँची। सभा में बडी तादाद में भीड़ की मौजूदगी विधायक वीरेंद्र सिंह का आम लोगों से जुड़ाव व विकास कार्यों के प्रति सजगता व मेहनत एवं नेताओं की लोकप्रियता के साथ साथ शहीद के सम्मान को दर्शा रही थी। समारोह में नेताओं के आने व भारी भीड़ जमा होने से शहीद परिवार को सम्भल मिलना माना जा रहा है।
सीकर जिले में आठ विधानसभा क्षेत्रों में से सात पर कांग्रेस के व एक पर निर्दलीय विधायक जिसने कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रखा है। इनके अलावा एक लोकसभा उम्मीदवार यानि आठ कांग्रेस के विधानसभा उम्मीदवार व एक निर्दलीय विधायक सहित लोकसभा उम्मीदवार को मिलाकर कुल दस सक्रिय नेता जिले में माने जाते हैं। जिनमें से पहले अलग अलग नजर आने वाले प्रदेश अध्यक्ष व लक्ष्मनगढ विधायक गोविंद डोटासरा व सीकर विधायक राजेंद्र पारीक अब साथ साथ नजर आ रहे हैं। वहीं एक अर्से से डोटासरा व विधायक महादेव सिंह की जोड़ी में कुछ दूरी बनती नजर आ रही है। धोद विधायक परशराम मोरदिया वैसे डोटासरा से दूरी तो बना रखी है पर अकेले में मस्त नजर आ रहे हैं। वहीं दांतारामगढ़ विधायक वीरेन्द्र सिंह, नीमकाथाना व श्रीमाधोपुर विधायक सुरेश मोदी व दीपेंद्र सिंह शेखावत के साथ साथ खण्डेला से कांग्रेस उम्मीदवार रहे सुभाष मील एवं लोकसभा उम्मीदवार रहे सुभाष महरिया वर्तमान में एक डोर में बंधे नजर आ रहे हैं। फतेहपुर विधायक हाकम अली पहले डोटासरा के साथ साफ नजर आते रहे हैं पर विजेंदर ओला के मंत्री बनने के बाद खान का डोटासरा की बजाये ओला से नजदीकी अलग राह दिखाती है। चौधरी नारायण सिंह का अपने पूत्र विधायक वीरेन्द्र सिंह को राजनीतिक तौर पर पूर्ण समर्थन प्राप्त है।
