सुफियान सिद्दीकी/अबरार अहमद खान, भोपाल (मप्र), NIT:

जहां देशभर में कोरोना के चलते लॉकडाउन के हालात हैं जिससे लाखों लोगों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है, जिसमें रोज़ाना काम करके कमाने वाला मज़दूर तबका और लघु उधोग वाले लोग शामिल हैं।
इन गरीबों के पेट की आग को बुझाने का काम देशभर की कई संस्थाएं अंजाम दे रही हैं। वहीं भोपाल में जमात-ए-इस्लामी के लोग रोज़ाना 5000 लोगों तक खाना पहुंचाने काम कर रहे हैं।
जमात के सदस्य डॉ.फ़ज़ल खान ने NIT सांवाददाता से बात करते हुऐ बताया कि यह जमाअत भोपाल में फंसे छात्र-छात्राओं, मुसाफिरों, मज़दूरों और गरीब असहाय लोगों तक खाने के पैकेट पहुंचा रही है। यह काम 24 मार्च से निरंतर जारी है और जबतक लॉकडाउन खत्म नहीं होता तबतक जारी रहेगा। डॉ.फ़ज़ल का कहना है कि जमात-ए-इस्लामी का मानना है कि कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोये चाहे वह किसी भी धर्म, समुदाय या किसी भी वर्ग का हो।
