अरशद आब्दी, ब्यूरो चीफ, झांसी (यूपी), NIT:

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सर्वधर्म सद्भाव समिति झांसी की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार शाम पांच बजे “बिशप हाउस” सिविल लाइंस में सम्पन्न हुई। जिसमें गणतंत्र दिवस की महत्ता, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की धर्मनिरपेक्ष जीवन शैली और जंगे आज़ादी में उनके और अन्य मुजाहिदीने जंगे आज़ादी के जीवन पर प्रकाश डाला गया।
विचार सर्वश्री नरोत्तम स्वामी (गांधी वादी नेता), डा.धन्नूलाल गौतम, सैयद शहनशाह हैदर आब्दी, राजेन्द्र सिंह यादव, प्रवीण कुमार जैन, सुदर्शन शिवहरे, मनमोहन ‘मन’, आदि ने विचार व्यक्त किये।

वक्ताओं ने बताया कि गुजरात में जनेऊ और चोटी का समाज में बहुत महत्व होने के बाद भी गांधीजी ने दोनों को ही धारण नहीं किया कि कहीं उन्हें एक धर्म और जाति तक ही सीमित न किया जाये। वर्तमान देश के हालात को सामान्य करने और देश को विश्व गुरु बनाने में गांधीजी की नीतियों को पूरी ईमानदारी से अपनाने, भेदभाव और दोषारोपण समाप्त कर विश्वास के साथ सबको साथ लेकर चलने की सख़्त ज़रूरत है। हिन्दुस्तान को हिन्दुस्तान सबकी एकता और क़ुरबानियों ने मिलकर बनाया है। इसपर सिर्फ एक समाज का अधिकार समझने वाले देश हितैषी हो ही नहीं सकते।
सबने साथ मिलकर सर्वधर्म सदभाव के साथ देश की उन्नति के लिये कार्य करने का संकल्प लिया।

इसके साथ ही 30 जनवरी 2020 को समीति के स्थापना दिवस और शहीद दिवस के भावी कार्यक्रमों पर भी विचार विमर्श हुआ।
अंत में सुप्रसिद्ध समाजसेवी, बहुमुखी प्रतिभा के धनी मिलनसार स्वर्गीय सरदार हरबंस ख़नूजा जी की आकस्मिक मृत्यु पर उन्हें श्रृध्दांजली देते हुऐ कुछ क्षण का मौन रखा गया और परिवार को दु:ख सहन करने की शक्ति देने की सर्वशक्तिमान से प्रार्थना की गई।
अध्यक्षता ज्ञानी महेंद्र सिंह, संचालन फादर सदानन्द और आभार अगस्टिन नौतन्हा ने ज्ञापित किया।
इस अवसर पर सर्वश्री आर.डी.वर्मा, विष्णु त्रिपाठी, सुभाष कुमार जैन, इसरार अहमद, अमर सिंह खनूजा, अताउल्लाह खां, दीपक कुमार यादव, संदीप सुनालिया, बलराम चौधरी आदि के साथ बड़ी संख्या में शहर के प्रतिष्ठित नागरिक मौजूद रहे।
