अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
मध्यप्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को सीधी जिले का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली शिकायतों और व्यवस्थाओं में लापरवाही पर उन्होंने बड़ा एक्शन लेते हुए सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को हटाने और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही गुना जिले में नगद राशि में हेरफेर के मामले में पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी की भूमिका पर असंतोष जताते हुए उन्हें भी पद से हटाने के निर्देश जारी किए गए।

मुख्यमंत्री यादव ने सीधी पहुंचकर आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही, योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और स्थानीय समस्याओं को लेकर शिकायतें रखीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीएम ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में सुशासन सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी अधिकारी-कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जो अधिकारी फील्ड में रहकर जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते, उन्हें फील्ड पोस्टिंग में रहने का अधिकार नहीं है।
सीधी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य को गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ काम करना होगा।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की, जिसमें सांसद राजेश मिश्रा, विधायक विश्वमित्र पाठक और विधायक रीति पाठक सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम के इस औचक निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई से साफ संकेत है कि प्रदेश में लापरवाह अधिकारियों पर अब सख्ती और जवाबदेही दोनों बढ़ने वाली है।
