
नरेन्द्र कुमार ब्यूरो चीफ,जलगांव (महाराष्ट्र)NIT:
स्वतंत्रता आंदोलन की महान विरासत और गांधी-नेहरू-पटेल-आज़ाद की समाजवादी विचारधारा के बूते कांग्रेस कल देश की सत्ता मे होगी।अहमदाबाद मे हो रहे अधिवेशन ने पार्टी मे चेतना भर दी है ।सीमावर्ती जिले जलगांव मे लोगो से कटे हुए कांग्रेसी अब अचानक बैठके करने लगे है। प्रदीप पवार ने जामनेर मे बैठक कर आगामी लोकल बोर्ड चुनावो के लिए पार्टी के अस्तित्व को ज़ाहिर किया।जनप्रिय ईमानदार नेतृत्व के अभाव से जलगांव मे कांग्रेस कभी भी पार्टी नही बन पाई है ।बीते चार दशको से जलगांव कांग्रेस के पदाधिकारियो ने बीजेपी को नेता देने का काम किया है । सहकार से लेकर विधानसभा चुनाव मे कथित भितरघाती कांग्रेसियो ने बीजेपी के साथ अनगिनत समझौते किए ।सामाजिक आधार पर रिश्तेदारी के सहारे राजनीति करने वालो के कारण दलित पिछड़ा आदिवासी वोटर कांग्रेस से छिटकता गया

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मे कांग्रेस की करारी हार के पीछे बीजेपी का गुजरात पैटर्न है । गुजरात कांग्रेस को लेकर राहुल गांधी ने शादी और रेस के घोड़ो का उदाहरण दे कर कांग्रेस के भीतर बीजेपी के लिए काम करने वाले ब्लॉक प्रमुखो से लेकर बड़े बड़े नेताओ को पार्टी बदर करने की चेतावनी दी है । इसी फार्मूले को महाराष्ट्र मे तत्काल प्रभाव से अमल मे लाने की मांग की जा रही है ।आधुनिक विचारो के पुरोधा रहे महाराष्ट्र ने शिव – फूले – शाहू – आंबेडकर जी की सोच के सम्मान मे कांग्रेस को लोकसभा मे 13 सांसद दिए । राहुल के नेतृत्व मे कांग्रेस को अच्छे दिन आते देख बीजेपी से हमदर्दी रखने वालो का कांग्रेस मे पड़ाव बढ़ गया है ।एक मराठी अखबार के पत्रकार प्रदीप ने कहा कि जहां कांग्रेस की ताकत नहीं है लोकल नेता इतने सालों में एक बूथ मजबूत नही कर सके वहां पहले से प्रभावी सहयोगी पार्टी के लिए कांग्रेस को मैदान छोड़ देना चाहिए ।
