नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र सरकार की ओर से “घर घर संविधान” अभियान चलाया जा रहा है। इसी सरकार मे शामिल बीजेपी और प्रो बीजेपी पार्टियों के कितने नेताओ ने घर घर जा कर संविधान को लेकर जनता के बीच जनजागृति की पता नहीं। हां घर घर जा कर अपनी पार्टी के लिए सदस्य पंजीकरण मुहिम चलाने में मनी के दम पर मैन पावर खड़ी करने का तंत्र अवश्य विकसित किया गया है। संविधान के रक्षक के नाते न्यायालयो ने इस अभियान को आनेवाली पीढ़ी तक पहुंचाने का काम हमेशा से जारी रखा है। जामनेर कोर्ट की सरकारी वकील एड कृतिका भट ने इंदिराबाई ललवाणी स्कूल मे संविधान का निर्माण और महत्व इस विषय पर एक संबोधन दिया। भट ने कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्याय पालिका यह हमारे देश के आधारस्तंभ है जो हमे भारत के संविधान से मिले है।

संविधान से कानून बनाए जाते है , नागरिक के तौर पर जन्म से लेकर मृत्यु तक हम कानूनों के बदौलत बेहतर तरीके से जीवनयापन करते है। जब देश आज़ाद हुआ तब बिना संविधान देश नहीं चल सकता था। संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा बनाई गई उसमे पंडित जवाहरलाल नेहरू , सरदार वल्लभ भाई पटेल , डॉ राजेंद्र प्रसाद , मौलाना अबुल कलाम आजाद , श्यामा प्रसाद मुखर्जी प्रमुख सदस्य थे। डॉ बाबा भीमराव आंबेडकर ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन थे। व्याख्यान मे प्रिंसिपल एस आर चव्हाण, जी जी धोती, बी जी महाजन , एस एम चौरे , अश्विनी महाजन समेत छात्र बड़ी संख्या मे उपस्थित रहे। विदित हो कि वर्तमान समय मे कुछ ऐसे राइट विंग संगठन है जो भारत कि आज़ादी, संविधान और लोकतंत्र को लेकर अनर्गल बयानबाजी करते नज़र आ रहे है। बीते एक दशक मे भारतीय समाज की ओर से “मोल की तुलना में मूल्य” को तरजीह देते हुए संविधान पर चर्चा का स्तर बेहतर होता प्रतीत हो रहा है।
