फैज़ान खान, नई दिल्ली, NIT:

आरक्षण पर दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में होने वाली महारैली को रद्द कर दिया है। इससे पहले भीम सेना के चीफ नवाब सतपाल तंवर द्वारा 21 अगस्त भारत बंद का आहवान किए जाने पर भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने भारत बंद का विरोध किया था। जिसमें वे बहुत ही उपहास का पात्र बन गए थे। लेकिन जैसे ही बसपा सुप्रीमो बहन कुमारी मायावती ने आरक्षण पर भारत बंद का समर्थन किया वैसे ही चंद्रशेखर आजाद ने भी पलटी मारते हुए भारत बंद का दिखावटी समर्थन कर दिया था। लेकिन विरोधियों का दावा है कि उन्होंने भीतरघात करते हुए भारत बंद को कमज़ोर करने का कार्य किया।
अब आरक्षण के समर्थन में 11 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली की परमिशन दिल्ली पुलिस ने देने से साफ मना कर दिया है। इस महारैली पर भीम सेना और भीम आर्मी का बड़ा विवाद उभर कर सामने आया है। जिससे दलितों में बड़ी निराशा है। भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर का दावा है कि चंद्रशेखर आजाद आरएसएस और बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए आरक्षण के आंदोलन को हाईजैक करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार चंद्रशेखर आजाद आरक्षण पर श्रेय लेने के लिए आरक्षण पर लगातार तारीखें बदलकर दलित समाज को गुमराह कर रहे हैं।
इस बीच दिल्ली सेंट्रल पुलिस ने भीम सेना की परमिशन को रद्द कर दिया है। भीमसेना चीफ नवाब सतपाल तंवर की चीफ सेक्रेटरी नेहा शर्मा ने बताया कि 11 सितंबर को रामलीला मैदान में आरक्षण पर हमारा कार्यक्रम होना तय था लेकिन दिल्ली पुलिस ने परमिशन को कैंसल कर दिया है। वहीं दिल्ली सेंट्रल पुलिस ने भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी की परमिशन को भी रद्द कर दिया है जो 11 सितंबर को रामलीला मैदान के लिए लगाई गई थी। सूत्रों के मुताबिक चन्द्रशेखर आजाद और नवाब सतपाल तंवर में विवाद गहराता जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों में विवाद के चलते इस अनुमति को रद्द किया गया है।

