कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने के आरोप में कोर्ट ने दिया आदेश: पीड़ित को 10 हजार रुपए हर्जाना अदा करे, लोक अदालत में 1129 मामलों का निपटारा | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने के आरोप में कोर्ट ने दिया आदेश: पीड़ित को 10 हजार रुपए हर्जाना अदा करे, लोक अदालत में 1129 मामलों का निपटारा | New India Times

जामनेर ब्लॉक के फत्तेपुर में आरोपी द्वारा पीड़ित पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने के मामले में तीन साल बाद कोर्ट ने 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी को जुर्माने की रकम पीड़ित को हर्जाने के तौर पर देनी होगी। 28 अगस्त 2021 की रात शराब के नशे में धूत धम्मपाल प्रकाश इंगले ने शंकर रमेश गोरे, उनकी पत्नी सीमा और मां नर्मदाबाई को अभद्र भाषा में गाली गलौज की। दौरान धम्मपाल की मां ने आरोपी को उकसाया जिसके चलते आरोपी ने पीड़ित शंकर गोरे के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया जिसमें गोरे गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित ने पहुर पुलिस स्टेशन में तहरीर दर्ज कराई, जांच अधिकारी अनील सुरवाड़े ने तफ़्तीश की। तीन साल बाद मुकदमें को लेकर आज जामनेर कोर्ट का फैसला आया।

न्यायाधीश भूषण काले ने अपने आदेश में लिखा कि जुर्माने के तौर पर आरोपी 10 हजार रुपए पीड़ित को हर्जाने की शक्ल में अदा करे। साथ ही अगले एक साल की अवधि के लिए आरोपी को सुशील चरित्र परायणता की गारंटी देने वाला 15 हजार रुपए का कानूनी अनुबंध कोर्ट के समक्ष पेश करना होगा। इस मामले में कुल 6 गवाह परखे गए, सरकार पक्ष की ओर से एडवोकेट अनिल सारस्वत, एडवोकेट कृतिका भट् ने पैरवी की। ज्ञात हो कि इसी हफ़्ते की 22 जुलाई को मारपीट के एक अपराध में जो ठीक इस मामले से मिलता जुलता है उसमें न्यायाधीश भूषण काले ने आरोपी को उक्त स्वरूप में सज़ा का आदेश पारित किया है।

लोक अदालत में लगी समझौतों की झड़ी: देशभर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालतों के तहत जामनेर दिवानी फौजदारी न्यायालय में प्रलंबित तथा प्रतिक्षाधीन मामलों का कामकाज किया गया। कोर्ट में लंबित मुकदमों के लिए गठित पहले पैनल की अध्यक्षता न्या डी एन चामले, वकालती पैरवी एडवोकेट शुभांगी फासे ने की। 126 प्रकरणों पर आदेश हुए 73 , 85 , 352 रुपए वसूले गए। विवाद पूर्व मामलो के लिए गठित पैनल की अध्यक्षता न्या भूषण काले , वकालती पैरवी एडवोकेट राजीव चोपड़े ने की। 1003 मामले सुलझाए गए 49 , 03 , 819 रुपए वसूले गए।

बैंकिंग प्रक्रिया से संबंधित धारा 138 के 11 मामले आपसी सहमति से सुलटाए गए एडवोकेट ए पी डोल्हारे , एडवोकेट एस एम सोनार ने बुजुर्ग पक्षकारो के लिए दूरदृश्यता प्रणाली की व्यवस्था करी। पति-पत्नी मे सुलह करवाकर परिवारिक विवाद के 6 मामले ख़त्म किए गए। एडवोकेट बी एम चौधरी , एडवोकेट एम बी पाटील , एडवोकेट डी बी गोतमारे , एडवोकेट अनील गोतमारे , एडवोकेट रूपाली पाटील , एडवोकेट वी के काजी , एडवोकेट राहुल बाविस्कर , एडवोकेट के पी राजपुत , एडवोकेट पी के पाटील ने योगदान दिया। लोक अदालत के आयोजन और सफलता पूर्वक मंचन के लिए सरकारी वकील अनील सारस्वत , कृतिका भट् ने अनमोल सहयोग दिया।

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